प्रज्ञा पुराण कथा सुनने से धन्य हो जाता है मानव जीवन : कैलाश नाथ तिवारी

कथा व्यास ने भगवान विष्णु और नारद के संवाद का भी भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि नारद जी ने भगवान विष्णु से प्रश्न किया कि त्रेता युग में श्रीराम और द्वापर युग में श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेकर ....

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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता 
सिद्धार्थनगर, 

नगर पंचायत बिस्कोहर क्षेत्र के भरौली कैथोलिया में चल रहे गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन वृहस्पतिवार रात श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कथा व्यास कैलाश नाथ तिवारी ने प्रज्ञा पुराण की रोचक कथा सुनाते हुए इसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित प्रज्ञा पुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। इसके अध्ययन से व्यक्ति के जीवन में आने वाले अनेक संकट दूर होते हैं और परिवार को उन्नति के मार्ग पर ले जाने की प्रेरणा मिलती है।

कथा व्यास ने भगवान विष्णु और नारद के संवाद का भी भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि नारद जी ने भगवान विष्णु से प्रश्न किया कि त्रेता युग में श्रीराम और द्वापर युग में श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेकर आपने पृथ्वी को पापों से मुक्त किया, लेकिन कलयुग में मनुष्य अनेक दुखों और परेशानियों से घिरा हुआ है। ऐसे में उसके दुखों का अंत कैसे होगा।
इस पर भगवान विष्णु ने कहा कि कलयुग में मनुष्य के दुखों से मुक्ति पाने और सांसारिक भवसागर से पार होने का सरल उपाय प्रज्ञा पुराण का अध्ययन और उसके आदर्शों को जीवन में अपनाना है।

कथा के समापन पर श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर मिठाई लाल यादव, आदर्श राम मौर्य, जंगली यादव, लवकुश यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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