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यूपी में चुनावी मोड में भाजपा, योगी कैबिनेट reshuffle की अटकलें तेज
अंदरूनी असंतोष, सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं की नाराजगी जैसे मुद्दों पर भी मंथन जारी है
लखनऊ- उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन और सरकार दोनों स्तर पर गतिविधियां बढ़ गई हैं। हाल ही में मोहन भागवत के प्रदेश दौरे के बाद अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी छह क्षेत्रों में समन्वय बैठकों में हिस्सा ले रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक ‘ट्रिपल एस’—सरकार, संगठन और संघ—के फार्मूले पर चुनावी रणनीति को धार दी जा रही है। अंदरूनी असंतोष, सामाजिक समीकरण और कार्यकर्ताओं की नाराजगी जैसे मुद्दों पर भी मंथन जारी है।
क्षेत्रीय बैठकों का सिलसिला
प्रदेश स्तर पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच समन्वय बैठकें नियमित रूप से होती रही हैं, लेकिन इस बार इन्हें क्षेत्रवार आयोजित किया जा रहा है।लखनऊ में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह समेत संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद वाराणसी और गोरखपुर में भी बैठकें संपन्न हुईं।होली के बाद गाजियाबाद, कानपुर और आगरा में पश्चिम, कानपुर तथा ब्रज क्षेत्र की बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो रही है।
कैबिनेट फेरबदल की चर्चा
इन बैठकों के साथ ही प्रदेश संगठन में बदलाव और योगी मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बैठकों की टाइमिंग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा है कि समन्वय बैठकों में प्रमुख विषयों के साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर भी स्वाभाविक रूप से चर्चा की जाएगी।

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