शिक्षण संस्था के भवन निर्माण हेतु विधि- विधान से हुआ भूमि पूजन

बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उद्देश्य-श्याम शंकर उपाध्याय

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प्रतापगढ़। पंडित शिवलाल उपाध्याय समाज सेवा ट्रस्ट द्वारा प्रतापगढ़ के ग्राम घोरका तालुकदारी,ग्राम पंचायत–नजियापुर  में प्रस्तावित प्राथमिक से कॉलेज स्तर तक की शिक्षण संस्था के भवन निर्माण हेतु शनिवार को वैदिक विधि-विधान से भव्य भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ।यह शुभ कार्यक्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष श्याम शंकर उपाध्याय (पूर्व न्यायाधीश, पूर्व विधिक परामर्शदाता राज्यपाल उत्तर प्रदेश, लखनऊ एवं पूर्व लोकपाल, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी तथा समस्त संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज, उत्तर प्रदेश के निर्देशन एवं गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अयोध्या के प्रख्यात विद्वान एवं कथाव्यास पूज्य स्वामी श्रीधराचार्य जी महाराज ने उपस्थित होकर अपना आशीर्वचन प्रदान किया।
 
विशिष्ट अतिथि के रूप मे न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्रा (लखनऊ पीठ, उच्च न्यायालय इलाहाबाद), न्यायमूर्ति जय प्रकाश तिवारी (उच्च न्यायालय इलाहाबाद) तथा राजीव कमल पाण्डेय सेशन/जिला न्यायाधीश, प्रतापगढ़ ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई तथा प्रस्तावित शिक्षण संस्था के लिए शुभकामनाएँ प्रदान की।शांति कुंज, हरिद्वार से संबद्ध एवं लखनऊ निवासी निष्ठा रस्तोगी एवं टीम द्वारा यज्ञ एवं भजन का आयोजन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।कार्यक्रम में क्षेत्र के समीपवर्ती ग्रामों      घोरका तालुकदारी, मुफरिद, नजियापुर, सचोली, शिवगढ़, बिंदागंज, दहेरी, बेलखरनाथ धाम, खुर्शीकला आदि से बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों ने सहभागिता की। रमजान माह में रोज़ा होने के बावजूद मुस्लिम समाज के लोगों की सहभागिता सामाजिक सौहार्द एवं एकता का प्रतीक रही।
 
इस मौके पर कार्यक्रम में क्षेत्र के सभी प्रमुख पुलिस प्रशासन के अधिकारीगण,अधिवक्तागण, पत्रकार बंधु एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।ट्रस्ट का उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े तथा वे अपने क्षेत्र में रहकर ही प्रशासन, न्यायपालिका, चिकित्सा, इंजीनियरिंग आदि उच्च क्षेत्रों में आगे बढ़ सकें।

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