अनावश्यक पक्की नाली व गार्डवालों का निर्माण कर सरकारी राशि का हो रहा है दुरुपयोग-ग्रामीण 

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पाकुड़िया, पाकुड़, झारखण्ड:- पाकुड़िया प्रखण्ड के सुदूर विभिन्न पंचायतों के ग्रामीण इलाकों में अनावश्यक पक्की नाली एवम् गार्डवालों का निर्माण कर सरकारी राशि का दुरूपयोग करने की बातें ग्रामीणों द्वारा कही जाती रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों से मिल रही सूचनाओं के आलोक में बताया जा रहा है कि बिना स्थलीय जांच के अनावश्यक विशेष कर पक्की नालियां व गार्डवालों का निर्माण किया गया है। हालांकि आवश्यक स्थलों पर निर्माण को लोगों ने सराहना भी की है।
 
ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत, पंचायत समिति, विधायक, सांसद, जिला परिषद या जिस विभाग की राशि हो वह सरकार की राशि है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सड़क, पक्की नाली, गार्डवाल आदि है लेकिन राशि की सही उपयोगिता के लिए सही व जनहित में स्थलों का चयन भी अत्यावश्यक बताया जाता रहा है। वहीं दूसरी ओर स्थलीय निरीक्षण के बिना ही विशेष रूप से पक्की नाली, गार्डवाल व पुलियों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाती है जिस कारण ऐसी योजनाएं ग्रामीणों के हित में नहीं होने से राशि का दुरूपयोग होता है जिससे ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ती है।
 
ग्रामीणों ने कहा कि इन दिनों विशेष रूप से कड़ी धूप व गर्मी के दिनों में सुदूर ग्रामीण इलाकों में जहां पेयजल का अभाव है और सरकारी नलकूपों में खराबी से पेयजल उपलब्ध होने में कठिनाई है वहां बेकार पड़े नलकूपों की पूरी मरम्मती कराने की चेष्टा हो। वहीं पंचायतों के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने कूपों का जीर्णोद्धार कराकर पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और जहां आवश्यक हो जल निकासी का समाधान करते हुए वहां पक्की नालियों एवम् जरूरी हो तो गार्डवाल, पुलियों का निर्माण किया जाए जिससे सरकारी राशि का सदुपयोग जनहित में हो।
 
ग्रामीणों ने विशेषकर महिलाओं ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों को खराब नलकूपों को ठीक से मरम्मती कराने की बात कहने पर कहा जाता है कि फिलहाल फंड नहीं है और जल एवम् स्वच्छता विभाग से भी कई अवसरों पर सामान उपलब्ध नहीं होने की बातें ग्रामीणों को कही जाती हैं। फलतः अनेकों बार टोलेवासियों को चंदा लेकर प्राइवेट मिस्त्री से नलकूप की मरम्मती करानी पड़ती है। 

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