IAS Success Story: चार बार फेल होने के बावजूद नहीं मानी हार, पांचवें प्रयास में काजल जावला बनीं आईएएस अफसर

Sandeep Kumar  Picture
Published On

IAS Success Story: लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। यह पंक्तियां मेरठ की बेटी काजल जावला की जिंदगी पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। चार बार असफल होने के बाद भी उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। 9 घंटे की नौकरी, रोज़ का लंबा सफर, पारिवारिक जिम्मेदारियां—इन सबके बीच उन्होंने अपने सपने को जिंदा रखा। आखिरकार पांचवें प्रयास में उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर IAS बनने का सपना पूरा किया और 23 लाख रुपये सालाना की नौकरी छोड़ दी।

मेरठ से शुरू हुआ सफर, डॉक्टर बनने का था सपना

काजल मूल रूप से Meerut की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मेरठ से ही पूरी की। बचपन में उनका सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन आसपास के लोग उन्हें सिविल सर्विस में जाने की सलाह देते थे। उस समय उन्हें सिविल सेवा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।

साल 2010 में वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए मुथरा (मथुरा) चली गईं और वहां से बीटेक की डिग्री हासिल की।

IAS Success Story: सोशल मीडिया से 3 साल की दूरी, चौथे प्रयास में नेहा ब्याडवाल बनीं IAS अफसर Read More IAS Success Story: सोशल मीडिया से 3 साल की दूरी, चौथे प्रयास में नेहा ब्याडवाल बनीं IAS अफसर

नौकरी के साथ UPSC की तैयारी

ग्राम सराय एसर में एक दिवसीय शिविर आयोजित Read More ग्राम सराय एसर में एक दिवसीय शिविर आयोजित

बीटेक के बाद उन्हें एक अच्छी कंपनी में आकर्षक पैकेज पर नौकरी मिल गई। हालांकि, उनके पिता चाहते थे कि उनकी बेटी सिविल सर्विस में जाए और देश की सेवा करे। पिता के सपने को अपना लक्ष्य बनाते हुए काजल ने 2014 से गंभीरता से UPSC की तैयारी शुरू की।

IAS Success Story: ASI की बेटी बनीं आईएएस अफसर, पढ़ें रूपल राणा की सक्सेस स्टोरी Read More IAS Success Story: ASI की बेटी बनीं आईएएस अफसर, पढ़ें रूपल राणा की सक्सेस स्टोरी

दिल्ली से Gurugram तक रोजाना ऑफिस आना-जाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। लगभग 2 घंटे का सफर वह कैब में तय करती थीं और इसी समय का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करती थीं। 9 घंटे की नौकरी के बाद भी उन्होंने अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।

शादी के बाद भी नहीं टूटा हौसला

नौकरी के दौरान ही उनकी शादी हो गई, लेकिन उनके पति और पिता ने उन्हें लगातार प्रोत्साहित किया। वीकेंड पर वह ज्यादा समय पढ़ाई को देती थीं। परिवार के सहयोग ने उनके आत्मविश्वास को मजबूत बनाए रखा।

चार असफलताएं, फिर भी नहीं मानी हार

काजल ने 2012 में पहला प्रयास किया। इसके बाद 2014, 2016 और 2017 में भी उन्हें असफलता मिली। चार बार असफल होने के बाद कई लोग हार मान लेते हैं, लेकिन उन्होंने नहीं। हर असफलता से सीख लेकर अपनी रणनीति मजबूत की और तैयारी को और धार दी।

पांचवें प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 28

साल 2018 में पांचवें प्रयास में उन्होंने UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 28 हासिल की। उस समय उनकी सालाना सैलरी करीब 23 लाख रुपये थी, लेकिन IAS बनने के लिए उन्होंने बिना झिझक वह नौकरी छोड़ दी।

आज वह Indian Administrative Service की अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर में सेवाएं दे रही हैं।

About The Author

Sandeep Kumar  Picture

imskarwasra@gmail.com

संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l 

Post Comments

Comments