झारखंड में 1.58 लाख करोड़ का अबुआ दिशोम बजट पेश

रजत जयंती वर्ष में सामाजिक कल्याण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर जोर

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रांची, झारखंड:- झारखंड सरकार ने 24 फरवरी को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये का अबुआ दिशोम बजट’ पेश किया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दोपहर 12 बजे सदन में बजट प्रस्तुत किया। राज्य के रजत जयंती वर्ष 25 वर्ष पूर्ण के अवसर पर पेश इस बजट को विशेष महत्व का बताया जा रहा है।
 
हेमंत सोरेन सरकार द्वारा पेश बजट में सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का दावा है कि यह बजट जनता की भागीदारी से तैयार किया गया समावेशी बजट है। बजट के मुख्य आंकड़े में कुल बजट आकार 1,58,560 करोड़ रुपये का रहे जो पिछले वर्ष (2025-26) के 1.45 लाख करोड़ के बजट की तुलना में 7-10% वृद्धि है।
 
योजना मद 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान है। राजस्व प्राप्ति का अनुमान: 66,700 करोड़ रुपये, आर्थिक विकास दर का अनुमान 10.3 प्रतिशत, राजकोषीय घाटा लगभग 2.5 प्रतिशत के आसपास है। वही।कोल कंपनियों पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य कर्मियों का किसी प्रकार का वेतन लंबित नहीं है।
 
 
-प्रमुख घोषणाएं और फोकस क्षेत्र
महिला सशक्तिकरण के लिए महिला एवं बाल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। मंईयां सम्मान योजना के लिए 14,065 करोड़ रुपये का प्रावधान। महिलाओं की आय वृद्धि के लिए 20 हजार रुपये तक के एकमुश्त ऋण की नई योजना।महिला किसान खुशहाली कार्यक्रम की शुरुआत, जिसके लिए 25 करोड़ रुपये का बजट।
 
कृषि एवं ग्रामीण विकास
कृषि विभाग के लिए 4,884 करोड़ रुपये। ग्रामीण विकास विभाग को 12,346 करोड़ रुपये। पंचायती राज विभाग के लिए 2,283 करोड़ रुपये। जल संसाधन विभाग को 2,714 करोड़ रुपये। पेशा कानून लागू करने, बालू घाट प्रबंधन और ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर जोर। पांच नए बालिका आवासीय विद्यालयों के निर्माण की घोषणा की गई। प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251 करोड़ रुपये। तकनीकी शिक्षा के लिए 2,564 करोड़ रुपये। युवाओं के लिए रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट और सरकारी रिक्त पदों को भरने की दिशा में पहल। बाल बजट के तहत 10,793 करोड़ रुपये का प्रावधान की गई।
 
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा
स्वास्थ्य विभाग के लिए 7,990 करोड़ रुपये। महिला, बाल कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को 22,995 करोड़ रुपये। गंभीर बीमारियों के इलाज हेतु ऋण योजना की घोषणा की गई। आधारभूत संरचना व अन्य विभाग के तहत ऊर्जा विभाग के लिए 11,197 करोड़ रुपये। पथ निर्माण विभाग 6,601 करोड़ रुपये। ग्रामीण कार्य विभाग 5,081 करोड़ रुपये। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग 5,194 करोड़ रुपये। नगर विकास एवं आवास: 3,919 करोड़ रुपये।
 
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन: 11,038 करोड़ रुपये। SC/ST, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण 3,568 करोड़ रुपये। उद्योग विभाग 541 करोड़ 30 लाख रुपये। पर्यटन विभाग 361 करोड़ 67 लाख रुपये। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 328 करोड़ रुपये घोषित की गई। सरकार का कहना है कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1.25 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है तथा गरीबी दर में 13.29 प्रतिशत की कमी आई है।
 
बजट में जेंडर बजट, बाल बजट और आउटकम बजट भी शामिल किया गया है, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। अबुआ सरकार, अबुआ बजट के नारे के साथ पेश इस बजट को राज्य के किसानों, महिलाओं, छात्रों और युवाओं के लिए लाभकारी बताते हुए सरकार ने इसे समावेशी और विकासोन्मुखी करार दिया है। 

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