मनोरमा की बदहाली पर भड़के सुदामा, बोले, स्वच्छता तक नहीं रुकेगा आन्दोलनः सौंपा पत्र

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बस्ती। बस्ती जिले के हरैया तहसील क्षेत्र में पतित पावनी मनोरमा नदी की बदहाल स्थिति और प्रशासनिक उदासीनता के विरुद्ध आज सैकड़ों समर्थकों के साथ वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामाजी’ ने जिलाधिकारी बस्ती को अनुस्मारक पत्र सौंपा। इस दौरान समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने एक स्वर में नदियों की तत्काल सफाई और स्थायी समाधान की मांग उठाई।
 
सुदामा ने कहा कि 5 फरवरी 2026 को दिए गए ज्ञापन के बावजूद मनोरमा, रामरेखा एवं कुवानो नदियों की सफाई को लेकर अब तक कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनी है और न ही किसी नोडल अधिकारी की नियुक्ति हुई है। यह जनपद की सांस्कृतिक पहचान और भावी पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। नदियाँ दूषित होंगी तो समाज बीमार होगा और नदियाँ स्वच्छ होंगी तो समाज स्वस्थ व सशक्त बनेगा।
 
उन्होंने बताया कि मनोरमा, रामरेखा एवं कुवानो नदियों में नगर निकायों का गंदा जल और औद्योगिक अपशिष्ट धड़ल्ले से गिराया जा रहा है। नदी तटों पर अतिक्रमण, कूड़ा-करकट व मृत पशुओं का निस्तारण आम बात हो गई है, जिससे ये पवित्र नदियाँ नालों का रूप लेती जा रही हैं। इससे भू-जल पुनर्भरण भी प्रभावित हो रहा है और हर-घर नल योजना की जलापूर्ति पर भी संकट गहराता जा रहा है।
 
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि एक सप्ताह के भीतर नोडल अधिकारी नामित कर प्रशासन, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया की संयुक्त बैठक बुलाई जाए। साथ ही एक माह के भीतर यांत्रिक व मानवीय संसाधनों से मनोरमा नदी की व्यापक सफाई कराई जाए, अवैध अतिक्रमण हटाया जाए, नगर निकायों के गंदे पानी के ट्रीटमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा कूड़ा निस्तारण की स्थायी प्रणाली विकसित की जाए।
 
सुदामा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्यवाही शुरू नहीं हुई तो 05 मार्च 2026 से मनोरमा नदी की स्वच्छता सुनिश्चित कराने हेतु बेमियादी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मनोरमा, रामरेखा और कुवानो केवल नदियाँ नहीं, बल्कि जनपद की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक पहचान हैं।
 
इनके तट पर स्थित मखौड़ा धाम व पंडूलघाट जैसे स्थलों के पुनरुत्थान से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।इस अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिक, समाजसेवी, युवाजन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और सभी ने नदियों को स्वच्छ रखने के लिए जनआंदोलन छेड़ने का संकल्प लिया।

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