यूपी सरकार आंगनबाड़ी और आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाएगी
विधान परिषद में सीएम योगी की घोषणा
आंगनबाड़ी और आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाएगी यूपी सरकार, विधान परिषद में सीएम योगी ने की घोषणा
लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विधान परिषद में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी और आशा वर्करों के मानदेय में वृद्धि करेगी। यह घोषणा राज्य के बजट सत्र के दौरान की गई, जहां सीएम ने इन ग्रामीण स्वास्थ्य और बाल विकास कार्यकर्ताओं के योगदान को सराहा। हालांकि, वृद्धि की सटीक राशि, समयसीमा या लाभार्थियों की संख्या के बारे में अभी कोई स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।
सीएम योगी ने विधान परिषद में अपने संबोधन में कहा, "हम आंगनवाड़ी और आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाएंगे। सरकार शिक्षामित्र और अनुदेशकों के लिए भी काम कर रही है।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इन सभी कार्यकर्ताओं को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ पहले ही प्रदान किया जा चुका है। यह कदम राज्य में ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बाल पोषण और शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जबकि आशा वर्कर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करती हैं।
इस घोषणा से पहले, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगों की पेंशन में वृद्धि की बात कही थी। पेंशन राशि को 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने का ऐलान किया गया, जो करीब 1.06 करोड़ लाभार्थियों को प्रभावित करेगा। यह फैसला भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए वादे के अनुरूप है और समाज के कमजोर वर्गों को राहत प्रदान करेगा।
उत्तर प्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में, जो हाल ही में पेश किया गया, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित अल्प-वेतनभोगी कर्मियों के मानदेय को हर माह निर्धारित तिथि पर राज्य स्तर से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बजट में 12वीं वेतन संशोधन आयोग की स्थापना का भी उल्लेख है, जो इन कार्यकर्ताओं के लिए आगे की वृद्धि का आधार बन सकता है
राज्य में करीब 2 लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं, जबकि आशा वर्करों की संख्या भी लाखों में है। इनकी मौजूदा मानदेय राशि केंद्र और राज्य सरकार के योगदान पर निर्भर करती है, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को औसतन 10,000-12,000 रुपये और आशा वर्करों को 2,000-3,500 रुपये मासिक मिलते हैं। विपक्षी दलों ने इस घोषणा का स्वागत किया है, लेकिन वृद्धि की राशि और तत्काल कार्यान्वयन की मांग की है।
यह कदम यूपी सरकार की महिलाओं और ग्रामीण विकास पर फोकस वाली नीतियों का हिस्सा माना जा रहा है। पहले भी सितंबर 2025 में सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन और वेतन वृद्धि की घोषणा की थी, साथ ही 75 जिलों में स्वास्थ्य शिविरों का शुभारंभ किया था।2134d1 विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि इन कार्यकर्ताओं की कार्य क्षमता बढ़ाएगी और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगी।
सरकार की ओर से जल्द ही इस पर विस्तृत अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।

Comments