फर्जी इनवॉइस से 18.96 करोड़ की जीएसटी चोरीकरने वाले दो जालसाज गिरफ्तार

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बस्ती। बस्ती मंडल के खलीलाबाद पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने बिना वास्तविक कारोबार किए फर्जी इनवॉइस जारी कर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुँचाया था।जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद में फर्जी फर्म का पंजीकरण कर इन लोगों ने कागजों पर खरीद-फरोख्त दिखाते हुए करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास कराया। राज्य कर विभाग की जांच में मामला सामने आने के बाद सहायक आयुक्त की तहरीर पर 3 जुलाई 2025 को कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया था।
 
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने मई 2025 की जीएसटी रिटर्न में 18 करोड़ 96 लाख रुपये से अधिक की फर्जी आईटीसी क्लेम कर राजस्व को नुकसान पहुँचाया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नोएडा और उत्तर दिल्ली क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, सिम कार्ड, आधार कार्ड, मोहर और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी कंपनियां संचालित करने में किया जाता था।
 
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और जीएसटी अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई बढ़ाई गई है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य लोगों की संलिप्तता भी खंगाली जा रही है।प्रशासन की इस कार्रवाई को कर चोरी और आर्थिक अपराधों पर बड़ी सफलता माना जा रहा है। ने बिना वास्तविक कारोबार किए फर्जी इनवॉइस जारी कर सरकार को भारी राजस्व नुकसान पहुँचाया था।
 
जानकारी के अनुसार इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद में फर्जी फर्म का पंजीकरण कर इन लोगों ने कागजों पर खरीद-फरोख्त दिखाते हुए करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास कराया। राज्य कर विभाग की जांच में मामला सामने आने के बाद सहायक आयुक्त की तहरीर पर 3 जुलाई 2025 को कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा दर्ज किया गया था।
 
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने मई 2025 की जीएसटी रिटर्न में 18 करोड़ 96 लाख रुपये से अधिक की फर्जी आईटीसी क्लेम कर राजस्व को नुकसान पहुँचाया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नोएडा और उत्तर दिल्ली क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, सिम कार्ड, आधार कार्ड, मोहर और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल फर्जी कंपनियां संचालित करने में किया जाता था।
 
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और जीएसटी अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई बढ़ाई गई है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य लोगों की संलिप्तता भी खंगाली जा रही है।प्रशासन की इस कार्रवाई को कर चोरी और आर्थिक अपराधों पर बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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