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व्यापारियों की बड़ी आवाज: फेम ने प्रमुख सचिव से मिलकर सचल दल व्यवस्था समाप्त करने की उठाई मांग
बलिया। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल (फेम) ने प्रदेश के व्यापारियों की समस्याओं को लेकर राज्य कर विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष सशक्त तरीके से पक्ष रखा। फेम के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोबती के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ स्थित कौटिल्य भवन में प्रमुख सचिव, राज्य कर उत्तर प्रदेश कामिनी रतन चौहान (आईएएस) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उक्त बात की जानकारी फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन महामंत्री जितेंद्र चतुर्वेदी
बताया की इस बैठक में राज्य कर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान करने वाली सचल दल (मोबाइल स्क्वॉड) व्यवस्था को समाप्त करने की प्रमुख मांग रखी।
प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सोबती ने कहा कि व्यापारियों को नोटिस केवल ई-मेल से भेजने के बजाय व्यक्तिगत रूप से भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में अधिकारी लक्ष्य पूर्ति के दबाव में अनुचित पेनाल्टी वसूलते हैं, जिनमें से 90 से 95 प्रतिशत राशि बाद में विभाग को लौटानी पड़ती है। इससे न सिर्फ व्यापारी परेशान होता है, बल्कि विभाग की छवि भी प्रभावित होती है।
फेम ने एमनेस्टी स्कीम लागू करने, वैट की धारा-32 को जीएसटी में शामिल करने तथा बिना पूर्व नोटिस के व्यापारियों के बैंक खाते सीज न किए जाने की भी मांग की।फेम के जिला महामंत्री ब्रजेश पंडित ने सुझाव दिया कि जब पेनाल्टी की राशि वापस करनी ही पड़ती है, तो ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों की भी समीक्षा होनी चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लक्ष्य किस प्रकार पूरे किए जा रहे हैं।
बैठक में प्रदेश भर के फेम के पदाधिकारी भी शामिल रहे।प्रमुख सचिव श्रीमती कामिनी रतन चौहान ने फेम की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और समाधान का आश्वासन दिया। फेम की ओर से समस्याओं को गंभीरता से सुनने के लिए प्रमुख सचिव का आभार जताते हुए प्रदेशभर से आए व्यापारियों का धन्यवाद किया गया।

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