यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा में किया बड़ा बदलाव

सेवा में रहते बार-बार परीक्षा देने पर रोक

Sachin Bajpai Picture
Published On

यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा में बड़ा बदलाव किया, अब सर्विस में रहते हुए बार-बार सिविल सेवा परीक्षा देने का मौका बंद कर दिया

नई दिल्ली।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 के लिए अधिसूचना जारी करते हुए नियमों में बड़ा बदलाव किया है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब एक बार सिविल सेवा में चयनित उम्मीदवार सेवा में रहते हुए बार-बार सिविल सेवा परीक्षा (CSE) नहीं दे सकेंगे। इस फैसले को परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और निष्पक्ष बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

नए नियमों के अनुसार, जिन उम्मीदवारों का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) या भारतीय वन सेवा (IFS) में हो चुका है और वे नियुक्ति पा चुके हैं, वे सेवा में रहते हुए दोबारा सिविल सेवा परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। यदि ऐसे अधिकारी फिर से परीक्षा देना चाहते हैं, तो उन्हें पहले अपनी वर्तमान सेवा से इस्तीफा देना अनिवार्य होगा।

यूपीएससी ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य ग्रुप-ए सेवाओं के अधिकारियों के लिए भी नियम स्पष्ट किए हैं। ऐसे अधिकारी सीमित शर्तों के साथ परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, लेकिन उन्हें उसी सेवा के लिए दोबारा चयन का विकल्प नहीं मिलेगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देकर रैंक सुधारने की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है।

सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्यवाही, नाजायज गांजा बरामद Read More सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्यवाही, नाजायज गांजा बरामद

हालांकि, आयोग ने चयनित उम्मीदवारों को एक बार रैंक सुधार का अवसर देने का प्रावधान किया है। इसके तहत जो उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा 2026 में चयनित होंगे, उन्हें 2027 में एक बार बिना इस्तीफा दिए परीक्षा देने की अनुमति मिल सकती है। यह अवसर केवल एक बार के लिए होगा और इसके लिए प्रशिक्षण में शामिल होने से पहले आयोग से अनुमति लेना आवश्यक होगा। इसके बाद यदि कोई उम्मीदवार पुनः परीक्षा देना चाहता है, तो उसे अपनी सेवा से इस्तीफा देना होगा।

केजरीवाल-सिसौदिया दिल्ली शराब केस से बरी Read More केजरीवाल-सिसौदिया दिल्ली शराब केस से बरी

यूपीएससी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा के बाद किसी सेवा में चयनित हो जाता है, तो उसे मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। वहीं, मुख्य परीक्षा या साक्षात्कार के बाद यदि किसी अन्य सेवा में चयन होता है, तो नई अधिसूचना के अनुसार उसकी पात्रता पर निर्णय लिया जाएगा।

शादी समारोह से लौट रहे बुजुर्ग को अज्ञात वाहन ने रौंदा Read More शादी समारोह से लौट रहे बुजुर्ग को अज्ञात वाहन ने रौंदा

आयोग का कहना है कि पुराने नियमों के तहत कई बार ऐसा देखा गया कि चयनित अधिकारी बेहतर रैंक या पसंदीदा सेवा पाने के लिए बार-बार परीक्षा देते रहे, जिससे नए अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित होते थे। इसी असमानता को दूर करने और प्रतियोगिता को संतुलित बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए अवसर अधिक समान होंगे। साथ ही, चयनित अधिकारियों को अब अपने करियर को लेकर स्पष्ट और समयबद्ध निर्णय लेना होगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से प्रशासनिक स्थिरता भी बढ़ेगी और परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।

यूपीएससी का यह नया नियम सिविल सेवा परीक्षा 2026 से प्रभावी होगा और आने वाले वर्षों में सिविल सेवा भर्ती प्रक्रिया की दिशा और स्वरूप को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें