देशभर में सक्रिय वाहन चोरी गिरोह का भंडाफोड़, एएटीएस/दक्षिण-पूर्व जिला ने 11 लग्जरी कारों के साथ 2 शातिर अपराधी दबोचे

आरोपी चेसिस नंबर से छेड़छाड़, टोटल लॉस वाहनों के चेसिस नंबर का दुरुपयोग

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नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS), दक्षिण-पूर्व जिला ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में सक्रिय अंतरराज्यीय वाहन चोरी और फर्जी रजिस्ट्रेशन गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी निशानदेही पर देश के अलग-अलग हिस्सों से 11 चोरी की लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई हैं।

जांच में सामने आया है कि आरोपी चेसिस नंबर से छेड़छाड़, टोटल लॉस वाहनों के चेसिस नंबर का दुरुपयोग और फर्जी सेल लेटर व बैंक एनओसी के आधार पर गाड़ियों का अवैध रजिस्ट्रेशन कराते थे।पुलिस के अनुसार, 27/28 दिसंबर 2025 की रात थाना जामिया नगर क्षेत्र से एक मारुति एस-प्रेसो कार चोरी होने के संबंध में ई-एफआईआर संख्या 034942/2025 धारा 305(बी) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जांच में ही यह आशंका जताई गई कि इस चोरी के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। इसी को देखते हुए मामले की जांच एएटीएस/दक्षिण-पूर्व जिला को सौंपी गई।

1 जनवरी 2025 को एसआई जितेंद्र और एचसी शेर सिंह को गुप्त सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश, मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में सक्रिय एक रिसीवर के पास कई चोरी की लग्जरी गाड़ियां हैं और इस मामले में चोरी हुई एस-प्रेसो कार भी उसी के पास मौजूद है। तकनीकी सहायता और मुखबिरों के जरिए सूचना को पुख्ता किया गया।इसके बाद इंस्पेक्टर अजय दलाल की निगरानी और एसीपी/ऑप्स/एसईडी रतन लाल के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई।

टीम ने कार्रवाई करते हुए मुंबई के बांद्रा क्षेत्र से कुनाल सुभाष जायसवाल (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही दिल्ली से चोरी हुई एक हुंडई क्रेटा कार बरामद की गई। पूछताछ और पुलिस रिमांड के दौरान इस संगठित गिरोह के कई अहम राज सामने आए।आरोपी की निशानदेही पर 3 जनवरी 2026 को पुलिस टीम ने मुंबई के धारावी इलाके में छापेमारी कर मोहम्मद अमान (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जो सेकेंड-हैंड कारों की खरीद-फरोख्त का अवैध कारोबार कर रहा था।

उसके पास से भी दिल्ली से चोरी हुई एक क्रेटा कार बरामद की गई।जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी कुनाल अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित अंतरराज्यीय वाहन चोरी और धोखाधड़ी गिरोह चला रहा था। यह गिरोह दिल्ली से चोरी की गई गाड़ियों, लोन डिफॉल्ट और दुर्घटनाग्रस्त (टोटल लॉस) वाहनों को हासिल करता था। इसके बाद उनके चेसिस नंबर में छेड़छाड़ कर या टोटल लॉस वाहनों के चेसिस नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नया रजिस्ट्रेशन कराया जाता था।

इन गाड़ियों को बाद में भोले-भाले ग्राहकों को सस्ते दामों पर बेच दिया जाता था, जिससे आम जनता और वित्तीय संस्थानों को भारी नुकसान होता था। पूछताछ में आरोपी कुनाल ने खुलासा किया कि उसने कई चोरी की गाड़ियां फर्जी रजिस्ट्रेशन के साथ पुणे निवासी दर्शन, मुंबई निवासी अमान (जिसने आगे कोल्हापुर निवासी नीम को गाड़ियां बेचीं) और जालना निवासी शेख काशिफ को बेची थीं।

उसने यह भी बताया कि ये वाहन बुलंदशहर (यूपी) निवासी काशिफ और हसन द्वारा चोरी किए जाते थे, जिनमें से हसन वर्तमान में उत्तर प्रदेश की जेल में बंद है। जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर महाराष्ट्र के पुणे, कोल्हापुर, जालना और दिल्ली से कई चोरी की गाड़ियां बरामद की गईं। इनमें तीन टोयोटा फॉर्च्यूनर, चार हुंडई क्रेटा, दो मारुति ब्रेज़ा, एक मारुति एस-प्रेसो और एक मारुति वैगन-आर शामिल हैं।

सत्यापन में पाया गया कि सभी गाड़ियों के चेसिस नंबर से छेड़छाड़ की गई थी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। 20 जनवरी 2026 को इस गिरोह के मुख्य वाहन चोर काशिफ निवासी बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जिसकी निशानदेही पर एक चोरी की मारुति वैगन-आर बरामद की गई।

अब तक कुल 11 हाई-एंड चोरी की गाड़ियां बरामद की जा चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और आगे और भी वाहन बरामद होने की संभावना है।दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। चोरी की गई गाड़ियों को दिल्ली से महाराष्ट्र पहुंचाकर उनकी पहचान बदल दी जाती थी और फिर उन्हें वैध वाहन बताकर बेच दिया जाता था।

इस पूरे नेटवर्क के जरिए आरोपी भारी अवैध मुनाफा कमा रहे थे।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुख्य आरोपी कुनाल मुंबई का रहने वाला, ग्रेजुएट है और इस पूरे अंतरराज्यीय गिरोह का मास्टरमाइंड है। वहीं आरोपी काशिफ पहले भी एटीएम लूट और चोरी के कई मामलों में शामिल रह चुका है और उसके परिवार के अन्य सदस्य भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं।दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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