Link Expressway: गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा जेवर एयरपोर्ट, इस लिंक एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी
1734 करोड़ की परियोजना, पहली किस्त जारी
शासन की ओर से इस लिंक एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण और निर्माण के लिए 1734 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को मंजूरी दी गई है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 995 करोड़ रुपये वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जारी किए गए हैं। बुलंदशहर जिला प्रशासन को मार्च 2026 तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मेरठ से जेवर एयरपोर्ट की दूरी होगी आसान
इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से मेरठ से गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे जेवर (नोएडा इंटरनेशनल) एयरपोर्ट तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। साथ ही, यह परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे की उपयोगिता को और बढ़ाएगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को बेहतर हवाई और सड़क कनेक्टिविटी देगी।
74 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा बनाया जाने वाला यह लिंक एक्सप्रेसवे करीब 74.3 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट होगा। यह गंगा एक्सप्रेसवे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा और नोएडा–ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 10 से अधिक आवासीय और औद्योगिक सेक्टर बसाए जाएंगे।
पूरा रूट क्या होगा
यह लिंक एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे के 44.3 किलोमीटर पॉइंट (बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र) से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर पॉइंट (सेक्टर-21, फिल्म सिटी के पास) जाकर जुड़ेगा। इसके लिए करीब 740 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर लगभग 1246 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यमुना सिटी के इन सेक्टरों को मिलेगा फायदा
इस लिंक एक्सप्रेसवे से यमुना सिटी के सेक्टर-4, 4ए, 5, 5ए, 10, 11, 21, 28, 33 और 34 सीधे जुड़ेंगे।
56 गांवों की भूमि होगी अधिग्रहित
इस परियोजना में कुल 56 गांवों की भूमि ली जाएगी, जिनमें गौतमबुद्धनगर के 8 और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं। बुलंदशहर जिले के 14 गांव खुर्जा तहसील में और बाकी बुलंदशहर, सियाना व शिकारपुर तहसील में आते हैं। इस पूरी परियोजना पर करीब 4000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसे यूपीडा वहन करेगा।
नोएडा एयरपोर्ट और कार्गो कनेक्टिविटी को बढ़ावा
लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे कार्गो वाहनों के साथ-साथ यात्रियों को भी बड़ा फायदा होगा और यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टरों से एयरपोर्ट तक पहुंच और आसान होगी।
दोनों तरफ होंगी चौड़ी सर्विस लेन
यह एक्सप्रेसवे 130 मीटर चौड़ा होगा, जिसमें 80 मीटर का कैरिज-वे और दोनों ओर 25-25 मीटर चौड़ी सर्विस लेन बनाई जाएंगी। करीब 9 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड होगा, जहां रेलवे लाइन और अन्य बाधाओं के कारण अंडरपास बनाए जाएंगे।


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