IAS Success Story: चार असफलताओं के बाद सौम्या मिश्रा बनीं IAS, 18वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास

IAS Success Story: चार असफलताओं के बाद सौम्या मिश्रा बनीं IAS, 18वीं रैंक हासिल कर रचा इतिहास

IAS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। IAS, IPS और IFS जैसे प्रतिष्ठित पदों तक पहुंचने के लिए उम्मीदवारों को लंबा संघर्ष, कड़ा अनुशासन और मजबूत मानसिकता की जरूरत होती है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है सौम्या मिश्रा की, जिन्होंने कई असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी और आखिरकार UPSC में 18वीं रैंक हासिल कर अपने IAS बनने के सपने को साकार किया।

आसान नहीं रहा सफलता का सफर

सौम्या मिश्रा के लिए यह उपलब्धि आसान नहीं थी। उन्होंने कुल चार बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी। पहले प्रयास में असफल रहीं, दूसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचीं लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। तीसरे प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाईं। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर ली।

SDM रहते हुए की IAS की तैयारी

UPSC में सफलता से पहले सौम्या मिश्रा ने साल 2001 में PCS परीक्षा दी थी, जिसमें उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया था। इसके बाद वह SDM (सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट) बनीं। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए भी उन्होंने अपने बड़े लक्ष्य को नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत करते हुए IAS बनने की तैयारी जारी रखी।

लक्ष्य के प्रति अडिग रहीं सौम्या

SDM का पद मिलने के बावजूद सौम्या मिश्रा का सपना IAS बनने का था। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ UPSC की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अनुशासन और निरंतर मेहनत के दम पर खुद को साबित किया। दिन-रात की मेहनत का नतीजा आखिरकार उनके पक्ष में आया।

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परिवार का सपना भी किया पूरा

उत्तर प्रदेश के उन्नाव की रहने वाली सौम्या मिश्रा ने अपनी पढ़ाई दिल्ली से की। उनके पिता राघवेंद्र मिश्रा, दिल्ली सरकार में हिंदी प्रोफेसर हैं। परिवार की भी यही इच्छा थी कि सौम्या IAS बनें। उनकी सफलता ने न सिर्फ उनका सपना पूरा किया, बल्कि पूरे परिवार को गर्व का अवसर भी दिया।

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