IAS Success Story: दो बार असफलता के बाद यूपीएससी में किया टॉप, पढ़ें IAS वंशिका यादव की सफलता की कहानी
इंजीनियरिंग से सिविल सेवा तक का सफर
दिल्ली की रहने वाली वंशिका यादव ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बेंगलुरु की मल्टीनेशनल कंपनी Cisco में नौकरी शुरू की। एक अच्छी सैलरी और सुरक्षित करियर होने के बावजूद वंशिका के मन में देश के लिए कुछ बड़ा करने की चाह थी।
हाई-पैकेज नौकरी छोड़ लिया बड़ा फैसला
आईएएस बनने का सपना उनके लिए नौकरी से कहीं बड़ा था। इसी जज्बे के साथ उन्होंने हाई-पैकेज जॉब को अलविदा कह दिया और पूरी तरह UPSC की तैयारी में जुट गईं। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने समाज की परवाह किए बिना अपने लक्ष्य को प्राथमिकता दी।
पहले दो प्रयासों में मिली असफलता
यूपीएससी का सफर उतना आसान नहीं रहा जितना सोचा था। वंशिका यादव को पहले और दूसरे प्रयास में असफलता का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी रणनीति का गहराई से विश्लेषण किया।
रणनीति बदली, मेहनत बढ़ाई
तीसरे प्रयास में वंशिका ने अपनी प्रीलिम्स और मेन्स की तैयारी की रणनीति बदली, कमजोर विषयों पर ज्यादा फोकस किया और उत्तर लेखन अभ्यास को प्राथमिकता दी। लगातार मेहनत और आत्मविश्वास ने उनके हौसले को मजबूत बनाए रखा।
तीसरे प्रयास में शानदार सफलता
साल 2019 की UPSC परीक्षा में वंशिका यादव ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उन्होंने कुल 1046 अंक प्राप्त किए और ऑल इंडिया रैंक 6 (AIR-6) हासिल कर देशभर में अपना नाम रोशन किया।
लाखों अभ्यर्थियों के लिए बनीं प्रेरणा
IAS वंशिका यादव की सफलता यह साबित करती है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि सफलता की सीढ़ी होती है। उनका सफर उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो बार-बार असफल होने के बाद खुद पर शक करने लगते हैं।


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