Chand Kab Niklega: उत्तराखंड में आज कब दिखेगा चांद? जानें शहरवार चंद्रोदय का समय और व्रत पारण की विधि
Uttarakhand Me Chand Kab Niklega: आज यानी 6 जनवरी 2026, मंगलवार को सकट चौथ का पावन व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ रखा जा रहा है। यह व्रत विशेष रूप से संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है। सकट चौथ को कई स्थानों पर संकष्टी चतुर्थी और तिलकुटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि चांद को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।
उत्तराखंड में चंद्रोदय का समय
पंचांग के अनुसार, आज उत्तराखंड के अधिकांश इलाकों में चंद्रमा का उदय रात करीब 8:45 बजे से 9:05 बजे के बीच होने की संभावना है। पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां ऊंचाई, भौगोलिक स्थिति और मौसम का असर चंद्र दर्शन के समय पर पड़ता है। इसी वजह से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में चांद दिखने के समय में कुछ मिनटों का अंतर संभव है।
उत्तराखंड के प्रमुख शहरों में अनुमानित चंद्रोदय समय
देहरादून में आज चांद करीब रात 8:50 बजे दिखाई दे सकता है। ऋषिकेश में चंद्रोदय लगभग 8:49 बजे और हरिद्वार में करीब 8:48 बजे होने की संभावना है। नैनीताल में चांद लगभग 8:55 बजे, हल्द्वानी में 8:53 बजे और अल्मोड़ा में करीब 9:00 बजे दिख सकता है।
वहीं श्रीनगर (गढ़वाल) में चंद्रोदय का समय लगभग 8:58 बजे, पिथौरागढ़ में 9:05 बजे, चम्पावत में 9:02 बजे और बागेश्वर में करीब 9:01 बजे अनुमानित है।
व्रत पारण कब और कैसे करें
जैसे ही चंद्रमा दिखाई दे, सबसे पहले भगवान गणेश का स्मरण करें। इसके बाद लोटे में जल या दूध लेकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और संतान के सुख, स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना करें। अर्घ्य देने के बाद ही सकट चौथ का व्रत खोला जाता है। मान्यता है कि शांत मन से चंद्र दर्शन करने और अर्घ्य देने से मानसिक तनाव दूर होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
अगर चांद नजर न आए तो क्या करें
यदि मौसम खराब हो, बादल छाए हों या किसी कारण से चांद स्पष्ट नजर न आए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। शास्त्रों के अनुसार चंद्र दिशा की ओर मुख करके ध्यानपूर्वक अर्घ्य देने से भी व्रत पूर्ण माना जाता है।


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