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SIM Card: आपके नाम पर चल रही है कितनी सिम? चुटकियों में करें चेक
SIM Card: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल नंबर केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि आपकी पहचान, बैंकिंग सुरक्षा, सोशल मीडिया लॉगिन और रोजमर्रा की सेवाओं का अहम हिस्सा है। ऐसे में अगर किसी के नाम पर गलत तरीके से फर्जी SIM कार्ड जारी हो जाए, तो वह बड़े साइबर फ्रॉड और कानूनी मुसीबत का कारण बन सकता है। इसी खतरे को देखते हुए सरकार ने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए Sanchar Saathi / TAFCOP पोर्टल शुरू किया है, जहां कुछ ही सेकंड में पता लगाया जा सकता है कि आपके नाम पर कितने मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड हैं।
फर्जी SIM पर बढ़ रहे साइबर अपराध
पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां फ्रॉडस्टर चोरी किए गए दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके किसी और के नाम पर SIM कार्ड जारी करवा लेते हैं। इन फर्जी नंबरों का इस्तेमाल बैंक फ्रॉड, UPI स्कैम, फर्जी कॉल, ओटीपी चोरी और अन्य अपराधों में किया जाता है। इसके चलते निर्दोष लोगों को पुलिस और कानूनी जांच का सामना करना पड़ सकता है।
इसीलिए सरकार ने एक मजबूत समाधान के रूप में Sanchar Saathi/TAFCOP पोर्टल उपलब्ध कराया है।
Sanchar Saathi / TAFCOP पर ऐसे करें SIM की जांच
Step 1: sancharsaathi.gov.in या tafcop.sancharsaathi.gov.in वेबसाइट खोलें।
होमपेज पर “Know Your Mobile Connections” विकल्प चुनें।
Step 2: अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें
वह 10-अंकों का नंबर डालें जो वर्तमान में आपके पास है।
कैप्चा भरें और Proceed/Submit क्लिक करें।
Step 3: OTP वेरिफिकेशन
आपके नंबर पर OTP आएगा।
OTP डालने के बाद आपके नाम पर रजिस्टर्ड सभी SIM कार्ड की पूरी लिस्ट दिख जाएगी।
अगर लिस्ट में कोई अनजान नंबर दिखे तो क्या करें?
अगर आपके नाम पर कोई ऐसा नंबर दिख जाए जिसे आपने कभी नहीं लिया:
“Not My Number”, “Report” या “Block/Deactivate” पर क्लिक करें।
आपकी रिपोर्ट टेलीकॉम कंपनी तक पहुंच जाएगी।
आपको एक रिफरेंस नंबर मिलेगा—इसे संभालकर रखें।
जरूरत पड़ने पर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई जा सकती है।
अगर फर्जी SIM मिल जाए तो तुरंत उठाएं ये कदम
पोर्टल से Deactivate/Report करें। नजदीकी टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करें। अगर पहचान चोरी का संदेह हो तो पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं।
कानून क्या कहता है? फर्जी SIM जारी करना है अपराध
सरकार ने SIM फ्रॉड को गंभीर अपराध माना है। नियमों के अनुसार 50,000 से 2,00,000 तक जुर्माना, IT Act 66D के तहत 3 साल तक की जेल हो सकती है।
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imskarwasra@gmail.com
संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l

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