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कबूतरबाज के रसूख के आगे पीड़ित बेबस, न्याय के लिए भटक रहा दर-दर
स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो
हमीरपुर :– कबूतरबाजी के कारोबार से अचानक फर्श से अर्श तक पहुंचे एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए पीड़ित पिछले कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। पीड़ित ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से पीड़ित खुद को असहाय महसूस कर रहा है।
गुब्बारा बेचने से करोड़ों की संपत्ति तक का सफर
मौदहा कोतवाली क्षेत्र के कम्हरिया रोड, बड़ा चौराहा निवासी शमीम उद्दीन पुत्र फय्याज उद्दीन ने अपनी शिकायत में बताया कि कस्बे के उपरौस निवासी सैफुल हयात करीब डेढ़ दशक पहले मेले में गुब्बारा और टॉफी बेचकर गुजारा करता था। लेकिन कबूतरबाजी के धंधे में उतरते ही उसका आर्थिक ग्राफ तेजी से बढ़ गया।
शिकायत के अनुसार, सैफुल ने बेरोजगार युवकों को लालच देकर विजिट वीजा, टूरिस्ट वीजा और ठेकेदारी प्रथा के नाम पर अरब देशों में भेजा, जिसके एवज में लाखों रुपये वसूले। वहां पहुंचने के बाद युवक बंधुआ मजदूरी करने को मजबूर हो जाते थे। शमीम ने बताया कि उससे भी साढ़े चार लाख रुपये लेकर उसे अरब भेजा गया, जहां वह महीनों तक फंसा रहा। अब रुपये मांगने पर आरोपी उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी दे रहा है।
कोतवाली पुलिस पर भी गंभीर आरोप
पीड़ित ने कोतवाली पुलिस पर आरोपी से मासिक उगाही करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि सैफुल की अकूत चल-अचल संपत्ति, दूसरे राज्यों में खरीदी गई जमीनों और कारोबार की जांच की जानी चाहिए। पीड़ित का कहना है कि पुलिस की मिलीभगत के कारण सैफुल के खिलाफ दर्जनों शिकायतों के बावजूद कड़ी कार्रवाई नहीं हो पाती। कभी-कभार औपचारिक जांच तो होती है, लेकिन अधिकतर मामले आरोपी की हनक के आगे ठंडे बस्ते में चले जाते हैं।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौदहा कोतवाली में सैफुल हयात के खिलाफ शिकायतें आम हैं। कई पीड़ित सामने आ चुके हैं, लेकिन रसूख और पुलिस दबाव के कारण युवकों को न्याय नहीं मिल पा रहा। अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारियों और स्वयं मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत पर प्रशासन कोई कड़ा कदम उठाता है या फिर पीड़ित की यह लड़ाई भी निष्प्रभावी होकर रह जाएगी।

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