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ऊँची दुकान फीके पकवान! लखनऊ की ब्रांडेड मिठाई दुकानों पर छापा
FSDA की कार्रवाई में लाखों का सड़ा माल नष्ट; ग्राहकों का स्वास्थ्य खतरे में छापेमारी में 36 क्विंटल 'ज़हरीली' मिठाई ज़ब्त
लखनऊ
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने लखनऊ में मिलावटखोरों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की है। विभाग ने शहर के 10 प्रतिष्ठित और नामी मिठाई की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई ने ग्राहकों के स्वास्थ्य के प्रति बड़े पैमाने पर की जा रही आपराधिक लापरवाही का पर्दाफाश किया है।
नाम बड़े, दर्शन छोटे
FSDA की टीम ने उन बड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जो अपनी गुणवत्ता के लिए जाने जाते थे। जांच के दौरान सामने आए आंकड़े हैरान करने वाले हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की कि छप्पन भोग (Chhappan Bhog) जैसे प्रमुख प्रतिष्ठानों सहित कुल 10 दुकानों पर कार्रवाई की गई।
ज़ब्ती का पैमाना: विभाग ने इन प्रतिष्ठानों से कुल 36 क्विंटल (3600 किलोग्राम) तक 'सड़ी-गली' और एक्सपायर्ड मिठाई बरामद की। जब्त किए गए माल का अनुमानित बाज़ार मूल्य 20 लाख रुपये से अधिक आँका गया है। अन्य कार्रवाई: सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान नीलकंठ (Neelkanth) स्वीट्स का भी 255 किलोग्राम खराब माल मौके पर ही नष्ट कराया गया। राधेलाल क्लासिक (Radhe Lal Classic) और सियाराम स्वीट्स (Siyaram Sweets) जैसी दुकानों पर गंभीर अनियमितताएँ मिलने के बाद उन्हें बंद कराने के आदेश दिए गए हैं और कई अन्य को कड़े नोटिस जारी किए गए हैं।
'फफूंदी लगी' और रासायनिक मिठाई का जखीरा अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई मिठाइयाँ खाने के लिए पूरी तरह असुरक्षित थीं। गोदामों में मिठाइयों पर फफूंदी लगी हुई थी और उन्हें बेहद अस्वच्छ वातावरण में रखा गया था।
कई मामलों में मिठाई को असामान्य रूप से सफेद और चमकदार बनाने के लिए ब्लीचिंग पाउडर या अन्य खतरनाक रसायनों का उपयोग किए जाने का संदेह है, जो सीधे तौर पर ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है।
FSDA के सहायक आयुक्त (खाद्य) ने बताया कि सभी ज़ब्त माल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द करना शामिल है।
सोशल मीडिया पर जनता का आक्रोश
इस खबर के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लखनऊ की जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। मिलावटखोरों_पर_कार्रवाई के तहत लोग अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। यूज़र्स ने इन ब्रांडेड दुकानों पर विश्वासघात का आरोप लगाया और कहा कि वे गुणवत्ता के लिए ज़्यादा पैसे देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें ज़हर मिल रहा है।
सोशल मीडिया पर लगातार यह मांग की जा रही है कि ऐसे मिलावटखोरों पर सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि लाइसेंस रद्द कर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाने चाहिए ताकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।
FSDA की अपील: जागरूक रहें उपभोक्ता
FSDA ने त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं से अत्यंत सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि ग्राहकों को अत्यधिक सफेद या असामान्य रूप से चमक
दार मिठाइयों को खरीदने से बचना चाहिए। साथ ही, उन्होंने लोगों को केवल पंजीकृत और स्वच्छ प्रतिष्ठानों से ही खरीदारी करने और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत खाद्य विभाग की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। यह बड़ी कार्रवाई उन सभी बड़े नामों के लिए एक सख्त संदेश है जो मुनाफाखोरी के लिए ग्राहकों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दार मिठाइयों को खरीदने से बचना चाहिए। साथ ही, उन्होंने लोगों को केवल पंजीकृत और स्वच्छ प्रतिष्ठानों से ही खरीदारी करने और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत खाद्य विभाग की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। यह बड़ी कार्रवाई उन सभी बड़े नामों के लिए एक सख्त संदेश है जो मुनाफाखोरी के लिए ग्राहकों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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