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Prayagraj Uttar Pradesh Breaking नगर निगम की मिलीभगत से जालसाजी कर करोड़ों का मकान हड़पने की साजिश
एफ आई आर दर्ज।
स्वतंत्र प्रभात।ब्यूरो प्रयागराज ।
प्रयागराज के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र सिविल लाइन में करोड़ों का आलीशान बंगला (भवन सं 41/33 तस्कन्द मार्ग) का बटवारा 1958 में तीन हिस्सों में किया गया था जिसमे पूर्वी हिस्सा स्व महाराजा बहादुर लाल सेवानिवृत जिला जज का था, पश्चिमी हिस्सा स्व राजरानी का था एवं दक्षिणी भाग स्व बजरंग बहादुर लाल का था। स्व श्रीमती राजरानी ने अपने पश्चिमी हिस्से का मकान अपनी पुत्री श्रीमती शोभा रानी सरकार को वसीयतनामे दिनांकीत 27/04/1982 से दे दिया था।

राजरानी की मृत्यु दिनांक 24/05/1988 के पश्चात मकान के पश्चिमी हिस्से को लेकर पिछले 35 वर्षों से न्यायालय में मामला लंबित है जिसमें स्व० श्रीमती राजरानी के सभी विधिक उत्तराधिकारी मय आलोक श्रीवास्तव एवं अशोक श्रीवास्तव पक्षकार है। इस वाद में अभी तक न्यायालय का कोई निर्णय नहीं हुआ है। मकान के पश्चिमी हिस्से पर उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड का ऑफिशल लिक्विडेटर किराएदार है, जो श्रीमती राजरानी की मृत्यु दिनांक 24/5/1988 के बाद से ना तो कोई किराया दे रहे हैं ना न्यायालय में जमा कर रहे हैं।
आलोक श्रीवास्तव एवं अशोक श्रीवास्तव ने शोभा रानी सरकार द्वारा दाखिल प्रोबेट वाद में पक्षकार होने के बावजूद उक्त तथ्य को छिपाकर नगर निगम में जानबूझ कर कूटरचित दस्तावेज एवं झूठा शपथ पत्र दाखिलकर के स्व० महाराजा बहादुर लाल (सेवानिवृत्ति जिला जज) एवं स्व० श्रीमती राजरानी के विधिक उत्तराधिकारियों का गलत पता देकर (जिसमें से कुछ विधिक उत्तराधिकारियों की पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी थी)

तत्समय मृतक प्रभा, मृतक सुधा एवं लखनऊ निवासी श्रीमती शोभा रानी सरकार के नाम की नगर निगम द्वारा भेजी गई नोटिस पर या तो स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति से षड्यंत्र करके प्रभा, सुधा एवं लखनऊ निवासी शोभा रानी सरकार के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर या बनवाकर नगर निगम की मिली भगत से करोड़ों का मकान अपने नाम दाखिल खारिज करवा लिया। इस संबंध में जब स्व० श्रीमती शोभा रानी सरकार की पुत्री कुमारी मृदुला सरकार को जानकारी हुई तो उन्होंने संबंधित थाने में लिखित तहरीर दी जिस पर दिनांक 01/11/2025 को महाराजा बहादुर लाल, सेवानिवृत जिला जज, के पोतों पर एफ०आइ०आर० दर्ज हुई।

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