घनी आबादी और मदरसे के पास शराब ठेका खोलने की तैयारी, ग्रामीणों में आक्रोश

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जौनपुर। जिले के मछलीशहर तहसील के ग्राम मुस्तफाबाद में शराब का ठेका खोले जाने की कोशिश से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। खास बात यह है कि यह ठेका घनी आबादी, मदरसे और कब्रिस्तान के पास खोला जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सामाजिक और धार्मिक व्यवस्था के खिलाफ है और इससे क्षेत्र का माहौल बिगड़ सकता है।
 
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर संकट
ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका पूरी तरह रिहायशी क्षेत्र है, जहां सैकड़ों परिवार रहते हैं, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। यदि यहां शराब की दुकान खुलती है, तो यह असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाएगी, जिससे महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है। इसके अलावा, बच्चों के भविष्य पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा।
 
मदरसे और धार्मिक स्थलों के पास शराब ठेका नियमों के खिलाफ
गौरतलब है कि जिस स्थान पर ठेका खोला जा रहा है, वहां एक मदरसा स्थित है, जहां छोटे-छोटे बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शराब की दुकान खुलने से मदरसे का माहौल खराब होगा और बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश हैं कि शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शराब की दुकान नहीं खोली जा सकती। बावजूद इसके, शराब माफिया अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर नियमों को ताक पर रख रहे हैं।
 
हिंदू-मुस्लिम एकजुट होकर कर रहे विरोध
गांव में इस ठेके के खिलाफ हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि संतलाल जायसवाल नामक ठेकेदार लोगों को धमका रहा है और कह रहा है कि "जो करना है कर लो, ठेका यहीं खुलेगा!" इस धमकी के बाद से गांव का माहौल और तनावपूर्ण हो गया है।
 
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और lआबकारी विभाग से इस अवैध शराब ठेके को तुरंत रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने और उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने को मजबूर होंगे।

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