146 करोड़ के वाहन ऋण घोटाले पर असम, मिजोरम में नौ स्थानों पर ईडी के छापे।

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एमएमएफएसएल) से जुड़े 146 करोड़ रुपये के बड़े वाहन ऋण घोटाले के सिलसिले में असम और मिजोरम में नौ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है। चल रही जांच के तहत की गई छापेमारी में घोटाले से जुड़े अहम सबूत मिले हैं।
 
ईडी ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत मिजोरम पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर अपनी जांच शुरू की। इन एफआईआर और बाद में दर्ज आरोप पत्रों से कार डीलरों, एमएमएफएसएल कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता वाली एक विस्तृत साजिश का पता चला, जिन्होंने फर्जी ग्राहक प्रोफाइल और जाली दस्तावेजों, जिनमें मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड और आय प्रमाण पत्र शामिल हैं, का उपयोग करके धोखाधड़ी से ऋण प्राप्त किया।
 
ईडी के निष्कर्षों के अनुसार, चार कार डीलरों ने एमएमएफएसएल के पूर्व कर्मचारी जाकिर हुसैन के साथ मिलकर इस घोटाले को अंजाम दिया। 146 करोड़ रुपये की हेराफेरी में से 71 करोड़ रुपये ऋण चुकौती के माध्यम से वसूल किए गए हैं, जबकि 75 करोड़ रुपये का पता नहीं चल पाया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि गायब हुई रकम अभी भी मुख्य आरोपी और शामिल कार डीलरों के पास है।
 
तलाशी अभियान के दौरान ईडी अधिकारियों को आरोपियों से जुड़ी चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा मिला, जिसमें कई बैंक खाते भी शामिल हैं। एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अधिकारियों ने 7 मार्च, 2025 को जारी एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (पीएओ) के तहत अवैध धन से खरीदे गए 9.9 करोड़ रुपये और दो वाहनों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया। जांच जारी है, अधिकारी शेष धनराशि का पता लगाने तथा धोखाधड़ी में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं।
 
 
 
 

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