डीवीसी विस्थापितों का संघर्ष जारी, छठे दिन भी उरवां में धरना प्रदर्शन

डीवीसी 56 मौजों के लोगों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं : कृष्णा यादव 

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चंदवारा-डीवीसी विस्थापित संघर्ष समिति, उरवां कोडरमा एवं हजारीबाग के नेतृत्व में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन छठे दिन भी जारी रहा। उरवां फॉर्म के समीप धरनास्थल पर ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं की भारी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। धरना स्थल पर पांचवें दिन एक विशेष सभा आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उरवां पंचायत के पूर्व मुखिया वीरेंद्र पासवान ने की।
 
सभा में जिला परिषद सदस्य महादेव राम, संघर्ष समिति के संयोजक कृष्णा यादव, मोती दास, मोहम्मद अनवर, अरुण कुशवाहा, मथुरा यादव, पंचायत समिति सदस्य रामविलास पासवान, वार्ड सदस्य मनोज राम, उप मुखिया प्रतिनिधि रघुनाथ यादव, कैलाश पासवान, कैलाश यादव और सरजू यादव ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने डीवीसी प्रबंधन और जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। तीसरे दिन से आंदोलन जारी है, लेकिन ना प्रशासन और ना ही डीवीसी प्रबंधन की ओर से कोई वार्ता का प्रयास किया गया है।
 
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं किया जाता और सम्मानजनक समझौता नहीं होता, अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। पूर्व विधायक प्रत्याशी कृष्णा यादव ने कहा कि डीवीसी 56 मौजा के लोगों के साथ अन्याय अब बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने डीवीसी पर 1950 से उरवां, कोटवारडीह और जामुखांडी गांवों के साथ छल करने का आरोप लगाया और कहा कि अब विस्थापितों का सब्र टूट चुका है। विस्थापितों की मुख्य मांगें है जिनमें डीवीसी द्वारा अधिग्रहित जमीन का रसीद निर्गत किया जाए। डीवीसी डैम में मछुआरों और केज उत्पादकों के लिए वित्तीय सहायता दी जाए।
 
प्रभावित गांवों में मुफ्त पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई की व्यवस्था की जाए।  विस्थापित रैयतों को बकाया मुआवजा और जमीन का पर्चा दिया जाए। झारखंड सरकार के नियमानुसार 75% स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिया जाए। डीवीसी फॉर्म के अंदर खेल मैदान और हेल्थकेयर सेंटर का निर्माण किया जाए। उरवां पंचायत में 100 बेड का अस्पताल बनाया जाए। N.H. से डीवीसी जलाशय तक 25 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण कर आम जनता के लिए आवागमन सुगम किया जाए शामिल है। धरने में सैकड़ों ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं की उपस्थिति रही।
 
इस मौके पर प्रकाश यादव, झारी राणा, नंदू राणा, पप्पू यादव, बजरंगी यादव, रामदेव पासी, पवन यादव, सरजू रविदास, सुनीता देवी, कंचन देवी, रजिया परवीन, सुगाव देवी, बसंती देवी, मोहिनी देवी, आरती देवी, मीना देवी, बबीता देवी, मालती देवी, बिंदेश्वर यादव, प्रकाश रविदास, अर्जुन ठाकुर सहित कई अन्य आंदोलनकारियों ने अपनी आवाज बुलंद की। ग्रामीणों ने ऐलान किया कि जब तक डीवीसी प्रबंधन और प्रशासन वार्ता कर उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करता, तब तक धरना अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। 

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