12वीं के बाद शुरू करें युपीएससी की तैयारी, मिलेगी सफलता

12वीं के बाद शुरू करें युपीएससी की तैयारी, मिलेगी सफलता

 सपने तो सभी देखते है लेकिन उसे पूरा करने की कीमत हर कोई नही चुका सकता। सपने भी उन्ही के पूरे होते है जो इसकी कीमत चुकाते है। ऐसा ही एक सपना है आईएएस बनने का। आईएएस बनने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (युपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन करता है। यूपीएससी हमारे देश की सबसे कठीन व प्रतिष्ठित परीक्षा है। हर साल लाखों युवा महज कुछ सीटों के लिए इस एग्जाम की तैयारी करते है। इस परीक्षा में सफलता का प्रतिशत बहुत ही कम है। इस परीक्षा में वही सफल होता है जिसमें शैक्षणिक योग्यता के साथ ही अनुशासन और धैर्य हो। अगर आप भी आईएएस बनने का सपना देखते है तो इसके लिए जरूरी है कि इसकी तैयारी स्नातक स्तर पर ही शुरू कर दें। सिविल सेवा में सफलता पाने के लिए एक सटीक रणनीति और व्यवस्था होना जरूरी है।
 
अगर आप भी आईएएस बनने का सपना देखते हैं तो ऐसे कर सकते हैं इसकी तैयारी-
 
1.रणनीति और अध्ययन सामग्री-
सिविल सेवा परीक्षा के लिए सबसे पहले आपको अपनी 12वीं की पढ़ाई के बाद ही ये डिसिजन लें लेना चाहिए कि आपको सिविल सेवा में जाना है। सिविल सेवा की तैयारी के लिए कम से कम 2 से 3 वर्ष का समय लगता है। आप अपने ग्रेजुएशन के दिनों से ही इसकी तैयारी शुरू कर दे। इस परीक्षा की तैयारी की शुरूआत  एनसीईआरटी की किताबों का अध्ययन करने से करे। इसके अलावा सिविल सेवा परीक्षा का पूरा सिलेबस अपने साथ रखे और उसके अनुसार ही तैयारी करे। अधिकतर कैंडिडेट अपनी ग्रेजुएशन के किसी एक विषय में से ही परीक्षा के मुख्य चरण के लिए विषय चुनते है। इससे आपको आसानी रहती है क्योंकि आप ग्रेजुएशन के साथ इस विषय को पूरे तीन साल पढ़ते है। इसके अलावा दूसरे चयनित वैकल्पिक विषयों के लिए आप स्टडी मटेरियल का चयन कर सकते है या फिर एक्सपर्ट की सलाह ले सकते है।
 
2.समसामयिक मुद्दो की ऐसे करें तैयारी-
समसामयिक विषयों की तैयारी करने के लिए आप नियमित रूप से समाचार पत्रों का अध्ययन करें। जैसे द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस के अलावा बीबीसी और डीडी न्यूज का बुलेटिन जरूर देखे। पिछले साल के प्रारंभिक प्रश्न पत्रों में भी समसामयिक मुद्दों से संबंधित प्रश्नों का अच्छा अनुपात रहा है इसलिए ये जरूरी है कि समसामयिक मुद्दों की तैयारी करते रहना चाहिए। इसके अलावा आप समसामयिक मुद्दों के लिए किताबों का भी सहारा लें सकते है। इसके लिए आप चाहे तो  एनसीईआरटी और   एनआईउ एसकी किताबों को पढ़ सकते है ये किताबें आनलाईन नि:शुल्क उपलब्ध है।
 
3.विषयों का चयन करते समय रखे इन बातों का ख्याल-
सिविल सेवा परीक्षा में सबसे जरूरी होता है विषय का अध्ययन इसलिए, विषय का चयन करते समय इस बात ध्यान रखें कि आपको उस विषय में रूचि है या नही। वैसे तो कोई भी विषय अध्ययन के लिए असंभव नही है लेकिन फिर भी जिस विषय में आपकी रूचि है उसी विषय का चयन करना आपके लिए फायदेमंद रहता है। सिविल सेवा परीक्षा का सिलेबस बहुत बड़ा होने के कारण पूरे साल भर अध्ययन करना पड़ता है। इसलिए योजना के अनुसार ही चलते हुए पूरे साल अध्ययन करना जरूरी है।
 
4.पढ़ाई के लिए जरूरी है एकाग्रता-
सिविल सेवा परीक्षा निकालने के लिए ये जरूरी है कि आप अपने लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहे। क्योंकि सिविल सेवा की परीक्षा कोई बैंकिग या एसएससी की परीक्षा नही है जिसमें रट्टा मारने से सफलता मिल जाती है। इसलिए इस परीक्षा की तैयारी के लिए आपको त्याग तो करना ही पड़ेगा, इसके बिना आप इस परीक्षा में कुछ नही कर सकते। आपको दो से तीन साल सिविल सेवा के लिए देने ही पड़ेंगे। इन सालों में हर दिन आपको नियमित अध्ययन करना पड़ेगा।
 
5.कितना पढ़ना है जरूरी-
सिविल सेवा परीक्षा के लिए वैसे तो एक साल पर्याप्त है लेकिन लोगों को दो से तीन साल भी लग जाते है। ये अलग-अलग लोगों की क्षमता पर निर्भर करता है कि वे कितना अध्ययन कर सकते है। इसलिए हर दिन कम से कम 6 घंटे रोजाना पढ़ाई करना जरूरी है। कई बार ऐसा होता है कि आप तैयारी करते-करते डिमोटिवेट हो जाते है इसलिए मोटिवेशनल किताबों को पढ़े। आपके आस-पास कैसे लोग रहते है इसका आपकी जिंदगी पर काफी असर पड़ता है। अगर आपके आसपास नेगेटिव लोग रहते है तो ऐसे लोगों से जितना हो सके दूर रहने का प्रयास करे। ऐसे लोगों के साथ रहे जो आपको अच्छा फील करवाते है।
 
6.क्या दिल्ली जाना जरूरी है?
आपने भी लोगों से सुना होगा कि यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली जाकर कोचिंग करना जरूरी है। लेकिन आपको बता दें कि आप घर रहकर भी सिविल सेवा की तैयारी कर सकते है। बस आपको अपनी जिंदगी में थोड़ा सा बदलाव लाना पड़ेगा और आप घर रहकर भी उचित अध्ययन सामग्री से सिविल सेवा की परीक्षा पास कर सकते है। बाहर जाकर पढ़ाई करने के भी अपने ही टेंशन रहते है इसलिए अपने शहर में रहकर भी आप अध्ययन कर सकते है। आप चाहे तो कोई कोचिंग भी लगा सकते है।
 
7.पढ़ाई के साथ लेखन का अभ्यास भी है जरूरी-
आपको पढ़ने के साथ लिखने का भी अभ्यास करना है क्योंकि प्री एग्जाम निकालने के बाद मेंस की परीक्षा देनी पड़ती है जिसमें आपको लिखना पड़ता है। आप किसी भी टॉपिक पर संक्षेप में लगभग 200 शब्दों में लिखने का प्रयास करें। जितना आप लिखने की कोशिश करोगे उतनी ही आपकी लेखन शैली सुधरेगी और व्याकरण में कम गलती होगी।
 
प्लान बी तैयार रखें
लाखों उम्मीदवार यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन इसमें सभी सफल नहीं हो पाते हैं। ऐसे में यदि आप परीक्षा में पास नहीं हो पाते हैं तो आपको प्लान बी तैयार रखना चाहिए। यूपीएससी की तैयारी के समय अपने विश्व इतिहास, राजनीति, भूगोल, अर्थव्यवस्था, नैतिक सिद्धांतों, विभिन्न दार्शनिकों और क्रांतिकारियों को पढ़ा होगा, यह विषय आपके भविष्य के लिए मददगार होंगे। जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना और उद्देश्य की स्पष्टता होना आपको हमेशा एक अच्छा जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगा।
 
विजय गर्ग सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य शैक्षिक स्तंभकार मलोट

About The Author

Post Comment

Comment List

आपका शहर

संसद भवन परिसर से स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों को शिफ्ट करने को लेकर भडका विपक्ष संसद भवन परिसर से स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों को शिफ्ट करने को लेकर भडका विपक्ष
स्वतंत्र प्रभात। एसडी सेठी। संसद भवन परिसर में लगी स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों को शिफ्ट किया जा रहा है। इस...

अंतर्राष्ट्रीय

Italy में मेलोनी ने की खास तैयारी जी-7 दिखेगी मोदी 3.0 की धमक Italy में मेलोनी ने की खास तैयारी जी-7 दिखेगी मोदी 3.0 की धमक
International Desk इटली की प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जून को 50वें जी-7 शिखर सम्मेलन...

Online Channel