swatantra prabhat Sampadkiya

अमेरिकी कोयला खदान से निकली गरुड़ आकृति वाली घंटी

महेन्द्र तिवारी अमेरिका के पश्चिम वर्जीनिया प्रांत की एक साधारण कोयला खदान से जुड़ी एक असाधारण घटना पिछले कई दशकों से लोगों की कल्पना, आस्था और विवेक को एक साथ झकझोरती रही है। यह घटना एक छोटी सी पीतल...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

देशी बीज: धरती की धड़कन, स्वराज की साँस

[बीज पर अधिकार — अन्नदाता की आज़ादी का सवाल] [धरती की संतानों का स्वाभिमान—देशी बीज आंदोलन] भारत एक कृषि प्रधान देश है, जिसकी सभ्यता की नींव मिट्टी और बीज से गहराई से जुड़ी हुई है।...
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गरीबी-मुक्त भारत का सपना, केरल ने दिखाया रास्ता

[गरीबी के पार: नव केरल का उज्ज्वल घोष] [केरल ने कर दिखाया: सपनों की धरती अब गरीबी से मुक्त] केरल की पावन धरती, जहां नारियल के हरे-भरे बागान समुद्र की लहरों से आलिंगन करते हैं...
कविता/कहानी  साहित्य/ज्योतिष 

दक्षिण एशिया में विदेशी साजिश के संकेत और मोदी की सुरक्षा का प्रश्न

दक्षिण एशिया आज वैश्विक भू-राजनीतिक मानचित्र का वह केंद्र बन चुका है, जहाँ विश्व की महाशक्तियों – अमेरिका, चीन और रूस – की प्रतिस्पर्धा और उनके रणनीतिक सहयोग दोनों की जटिल रेखाएँ एक दूसरे को काटती हैं।   इस...
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सरदार पटेल: मिट्टी को मातृभूमि में रूपांतरित करने वाला कर्मयोगी

[वह लौह इच्छाशक्ति जिसने भारत को बाँध दिया एक सूत्र में] [खंडों में बँटे भारत को जिसने जोड़ा — वह थे लौहपुरुष सरदार]   कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनका प्रभाव समय की सीमाओं को लांघ जाता है — जो केवल...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

जेनरेशन-जी की सोच : क्या यह बदलाव और क्रांति की चेतना है या पब्जी जैसी वर्चुअल दुनिया से उपजी खतरनाक उग्रता?

हाल ही में नेपाल में घटी एक घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। कुछ युवाओं द्वारा सड़क पर तोड़फोड़ और उग्र व्यवहार की तस्वीरें सामने आईं। उन युवाओं द्वारा नेपाल की संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन आदि तमाम...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

राजनीति में आलोचना और निजी जीवन में टिप्पणी, दोनों के बीच बहुत बड़ा अंतर 

नेहरू जी पर आलोचना होती है क्योंकि वे प्रधानमंत्री थे, देश का नेतृत्व उनके हाथों में था, और उनके निर्णयों का असर पीढ़ियों तक पड़ा। उनके विचारों और नीतियों पर बहस करना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा है। नेहरू जी पर...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

ऑनलाइन गेमिंग पर संतुलित दृष्टिकोण जरूरी

आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन गेमिंग एक बड़ी सामाजिक और आर्थिक चुनौती बनकर सामने आई है। एक ओर यह आधुनिक तकनीक का आकर्षक उपहार है, तो दूसरी ओर इसकी लत समाज और युवा पीढ़ी के लिए खतरनाक साबित हो...
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आम आदमी पर फिलहाल आवारा कुत्तों का खतरा बना रहेगा 

गाजियाबाद के एक थाने में तैनात बाइक सवार 25 वर्षीय महिला उपनिरीक्षक रिचा शर्मा की बीते दिन बाइक के सामने कुत्ता आ गया हादसे में सिर डिवाइडर से टकराने से उनकी मौत हो गई। यूं तो कमोबेश पूरे देश में...
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: भक्ति, संस्कृति और जीवन का उत्सव

भारत की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं में कृष्ण जन्माष्टमी का स्थान अत्यंत विशेष है। यह केवल भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण का पर्व ही नहीं, बल्कि भक्ति, आनंद और नैतिक मूल्यों के पुनर्स्मरण का भी अवसर है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की...
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आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप है लालकिले की प्राचीर से मोदी विजन

भारत न झुकेगा न दबेगा न किसी अंतरराष्ट्रीय महाशक्ति से ब्लेक मेल होगा यही है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर  दिए संबोधन का सारतत्व या लब्बोलुआब। प्रधानमंत्री ने लालकिले की प्राचीर से कई साहसिक घोषणाएं...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

सांस्कृतिक अवमूल्यन, युवाओं में बढ़ती यौन अपराध की मानसिकता।

एतिहासिक काल से ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता में ऐसा लचीलापन है कि अनेक विदेशी सभ्यताओं को हमने अपनी सभ्यता में आत्मसात कर उन्हें भी अपने रंग में रंग लिया है। उन सब के रंगों में हम भी रंग गए...
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