कोटेदार के द्वारा अवरुद्ध किया गया  सार्वजनिक नाली, व्यक्तिगत नाली बताकर किया जा रहा है गुमराह

ड़ेंगू समेत अन्य बीमारियों की फैलने की आशंका

कोटेदार के द्वारा अवरुद्ध किया गया  सार्वजनिक नाली, व्यक्तिगत नाली बताकर किया जा रहा है गुमराह

अंदर से बीचो बीच सड़क से होते हुए कोटेदार के घर के बगल से होकर तालाब तक जाती हैं

स्वतंत्र प्रभात
 
 
अंबेडकरनगर। इस समय जिस प्रकार डेंगू अपना पाव तेजी से पसार रहा है। जिसके रोकथाम के लिए जिला प्रशासन समय-समय पर दवा का छिड़काव साफ सफाई पर
 
 
विशेष ध्यान दे रहा है। वहीं दूसरी तरफ तहसील अकबरपुर अंतर्गत भगौतीपुर के मजरे लहनपुर में ग्राम प्रधान व कोटेदार की मिलीभगत से गांव के बीच में सड़क पर जलजमाव हो रहा है। आपको बता दें भगौतीपुर गांव के
 
 
मजरे लहानपुर में जियालाल वर्मा के घर से तालाब तक खड़ंजा के बीच से सार्वजनिक नाली का निर्माण ग्राम प्रधान द्वारा लगभग 16 वर्ष पूर्व कराया गया था। गांव के कई ग्रामीणों के घर का गन्दा पानी नाली से होते हुए तालाब में जाता था
 
 
 
परंतु गांव के कोटेदार केदारनाथ वर्मा और ग्राम प्रधान बंदना उपाध्याय द्वारा जबरन आपसी रंजिश के चलते नाली को बंद कर दिया गया है। जिसकी वजह से ग्रामीणों के जल की निकासी नहीं हो पा रही है सड़क के बीचो-बीच गंदा पानी इकट्ठा हो रहा है।
 
 
 
गंदे पानी के अगल- बगल गांव में ड़ेंगू बुखार सहित अन्य कई संक्रमित बीमारियों के फैलने की आशंका लोगों को सता रही है।
 
 
विदित हो लहनपुर गांव में लगभग आधा दर्जन लोगों के घरों के नाली के गंदे पानी की निकासी नहीं हो रहा है। दबंगई के चलते कोटेदार के द्वारा अपने दरवाजे के सामने नाली को ईट के टुकड़ों और मिट्टी से बंद कर दिया गया है।
 
 
 
जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करने पर सहायक विकास अधिकारी के द्वारा गलत आख्या रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर गुमराह किया जा रहा है। गांव के राजेश कुमार के द्वारा की गई शिकायत पर सहायक विकास अधिकारी द्वारा आख्या में बताया गया
 
 
कि स्थलीय सत्यापन किया गया निरीक्षण के दौरान गांव के कोटेदार द्वारा बताया गया कि उक्त नाली का निर्माण मेरे द्वारा व्यक्तिगत प्रयोग के लिए बनवाया गया था। जिसकी आवश्यकता मुझे नहीं है, उक्त नाली व्यक्तिगत होने के कारण ग्राम पंचायत से
 
 
नहीं बनाया जा सकता। जबकि जिस नाली निर्माण को सहायक विकास अधिकारी अपने जांच आख्या में कोटेदार की व्यक्तिगत नाली बता रहे हैं
 
 
वह नाली अगर व्यक्तिगत होती तो कोटेदार अपने घर के किनारे बनवाते बल्कि वह नाली गांव के 
 
 
 
जिसको इस समय कोटेदार के द्वारा बंद कर दिया गया है।ग्रामीणों के पानी निकासी के लिए गांव में उक्त नाली से जल निकासी की प्रबल आवश्यकता है जिससे गांव में गंदा पानी ना इकट्ठा हो सके और ग्रामीणों का पानी भी आसानी से तालाब में चला जाए।
 
 
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