भदोही में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पढ़ाया गया पत्रकारिता का पाठ /

मट्ठाधीशी करने वाले पत्रकारों से हुई कहासुनी / उमेश दुबे (रिपोर्टर ) भदोही। देश में पत्रकारों के लिए सरकार के तरफ से कोई खास व्यवस्था नही है। केवल पत्रकार सम्मान के नाम पर भागदौड़ करते है ताकि उनसे कोई खबर छूट न सके और अपने बैनर के लिए बेहतर कर सके। लेकिन इसी बीच कभी

मट्ठाधीशी करने वाले पत्रकारों से हुई कहासुनी /

उमेश दुबे (रिपोर्टर )

भदोही।

देश में पत्रकारों के लिए सरकार के तरफ से कोई खास व्यवस्था नही है। केवल पत्रकार सम्मान के नाम पर भागदौड़ करते है ताकि उनसे कोई खबर छूट न सके और अपने बैनर के लिए बेहतर कर सके। लेकिन इसी बीच कभी कभी मठाधीश बनाने के चक्कर में कुछ पत्रकार वर्चस्व या गुटबंदी कर नीचा दिखाने का कार्य करने लगते हैं जिससे केवल पत्रकारों के बीच की आपसी संबंध कमजोर ही नहीं बल्कि इसीका फायदा अन्य लोग उठाने लगते है।

एक ऐसा ही मामला बुधवार को भदोही थाना में एक प्रेसवार्ता के दौरान दिखा जहां पर अपने को बहुत बडा पत्रकार स्वयंभू मठाधीश समझने वाला एक पत्रकार एक अन्य बैनर के ब्यूरो से उलझ गया और उस स्वयंभू मठाधीश पत्रकार को ब्यूरो से दबंगई वाले सवाल पूछना महंगा पड गया और सभी पत्रकारों के सामने ही दूसरे बैनर का ब्यूरो जमकर पत्रकारिता का पाठ पढ़ा दिया जिससे स्वयंभू मठाधीश की सारी मट्ठाधीशी पानी पानी हो गया और लोगो के बीच बचाव से मामला शांत हुआ।

मालूम हो कि जिले में कुछ पत्रकार है जो अपनी मठाधीशी की चमक में कमी न हो इसके लिए अन्य बैनर के पत्रकारों को तवज्जो नही देते और नीचा दिखाते है। कभी कभी तो ऐसे मामले देखे जाते है कि मठाधीशी करने वाले गुट के पत्रकार प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अन्य पत्रकारों के साथ बाइट लेना अच्छा नही समझते है या तो सभी अन्य पत्रकारों से पहले या बाद में बाइट अधिकारियों का लेना चाहते है।

ऐसा वे लोग केवल अन्य पत्रकारों से ईर्ष्या और नीचा दिखाने की वजह से करते है। आज वर्तमान स्थिति में जिले का कोई भी बड़ा मामला कोई न कोई पत्रकार उठा ही देता है और जिससे मठाधीश बने लोग परेशान रहते है जिससे इनकी जिले में सेटिंग बिगड गई है। कुछ ही स्वयंभू मठाधीशी पत्रकार अन्य पत्रकारों के साथ अच्छे से पेश नही आते है। कुछ माह पहले एक पत्रकार ने एक नवोदित पत्रकार को एसपी के प्रेस कांफ्रेंस मे ही धक्का मुक्की कर दिया था लेकिन वह पत्रकार सामाजिकता को देखते हुए शांत रहा।

लेकिन बुधवार को भदोही थाना परिसर में हुई दो पत्रकारों के बीच कहा सुनी में यह सिद्ध हो गया कि मठाधीश बनकर अपनी धाक जमाने वालों के दिन अब लदने वाले है क्योकि अब तथाकथित मठाधीश अन्य पत्रकारों को परेशान करना चाहेंगे तो उन्हें अब मुंहतोड जबाब देने का फैसला सभी बैनरो के पत्रकार मिलजुलकर करेंगे. पत्रकार है एक साथ पत्रकारिता करनी चाहिए न कि केवल मठाधीशी के चक्कर में आपसी संबंध बिगाड़ने चाहिए। ताकि समाज में एक अच्छा पैगाम जाए.

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