विशेष स्वच्छता अभियान के पहले दिन का परिणाम रहा बेहद निराशाजनक

अभियान को सफल बनाने के लिए लगाया गया दो दिवशीय लॉक डाउन,फिर भी परिणाम शून्य पुलिस की व्यवस्था रही चाक चौबंद,सफाई कर्मचारी रहे नदारद संवाददाता – अमित पांडेय तरबगंज, गोण्डा-देश इस समय कोरोना संक्रमण के संकट से जूझ रहा है। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए शासन व प्रशासन द्वारा अनेक सुरक्षा उपायों व

अभियान को सफल बनाने के लिए लगाया गया दो दिवशीय लॉक डाउन,फिर भी परिणाम शून्य

पुलिस की व्यवस्था रही चाक चौबंद,सफाई कर्मचारी रहे नदारद

संवाददाता – अमित पांडेय

तरबगंज, गोण्डा-
देश इस समय कोरोना संक्रमण के संकट से जूझ रहा है। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए शासन व प्रशासन द्वारा अनेक सुरक्षा उपायों व नियमों को लागू किया गया है। लेकिन कहीं इसको पालन करने व करवाने में लोग व जिम्मेदार विफल हुए हैं तो कहीं ये नियम व सुरक्षा उपाय भी संक्रमण के फैलाव को रोकने में विफल रहें हैं। जिसका परिणाम रहा है कि कोरोना संक्रमण का फैलाव तेजी से हो रहा है। वो अलग बात है कि रिकवरी दर संतोषजनक रहा है।
अब वर्षा ऋतु के प्रारम्भ होने से संचारी रोगों में वृद्धि होने की संभावना है। जिसको देखते हुए शासन प्रशासन द्वारा दो दिनों के लिए फिर से लॉक डाउन घोषित किया गया और इस लॉक डाउन अवधि में लोगों को सुरक्षित करने के लिए विशेष स्वछता अभियान चलाया जाना था। मुख्य सचिव द्वारा सभी प्रशासनिक अधिकारियों को जनपद में प्रत्येक ग्राम सभा स्तर पर साफ-सफाई, फॉगिंग के साथ सेनेटाइजेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए प्रत्येक जिला स्तर पर नोडल अधिकारी भी नामित किये गए। वहीं प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत को पत्र जारी कर ग्राम सभा स्तर पर सफाई कर्मचारियों के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों को इस लॉक डाउन अवधि में साफ-सफाई, फॉगिंग व सेनेटाइज करने का निर्देश जारी किया गया था।
बावजूद इन सबके विकास खण्ड तरबगंज के अंतर्गत एक तरफ जहां पुलिस लॉक डाउन को सफल बनाने में मुस्तैदी से तैनात रही व लगभग सभी गैर जरूरी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं सरकारी कार्यालयों को बन्द रखा गया। वहीं दूसरी तरफ लॉक डाउन के मुख्य उद्देश्य साफ-सफाई, फॉगिंग व सेनेटाइजेशन करवाने में सफाई कर्मी व जिम्मेदार अधिकारी विफल रहे। विकास खण्ड तरबगंज की किसी भी ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई व सेनेटाइजेशन की कोई भी व्यवस्था नही की गई। जब इस सम्बंध में जिम्मेदार अधिकारी एडीओ पंचायत दामोदर शुक्ला से पूंछा गया तो उन्हें साफ-सफाई व सेनेटाइज किये गए गांव की सटीक जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में रोस्टर के अनुसार सफाई अभियान व सेनेटाइजेशन किया जा रहा है। लेकिन रोस्टर के अन्तर्गत गांव का नाम पूछें जाने पर हड़बड़ा गए और किसी भी गांव का नाम नहीं बता सके। यहां तक कि तहसील व विकास खण्ड मुख्यालय की ग्राम पंचायत में रामापुर में जगह – जगह गन्दगी का अम्बार दिखाई दे रहा है।

Tags:

About The Author

Post Comment

Comment List

आपका शहर

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि कुल पड़े वोटों की जानकारी 48 घंटे के भीतर वेबसाइट पर क्यों नहीं डाली जा सकती? सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि कुल पड़े वोटों की जानकारी 48 घंटे के भीतर वेबसाइट पर क्यों नहीं डाली जा सकती?
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चुनाव आयोग को उस याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिये एक सप्ताह का समय...

अंतर्राष्ट्रीय

Online Channel

साहित्य ज्योतिष