पूरनपुर की टॉप खबरे

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नायब तहसीलदार की माता के निधन पर जताया शोक पूरनपुर। तहसील पूरनपुर में तैनात नायब तहसीलदार की माता का हृदय गति रुक जाने के चलते निधन हो गया जिसके चलते उपजिलाधिकारी कार्यालय में शोक सभा का आयोजन कर दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए

नायब तहसीलदार की माता के निधन पर जताया शोक

पूरनपुर। तहसील पूरनपुर में तैनात नायब तहसीलदार की माता का हृदय गति रुक जाने के चलते निधन हो गया जिसके चलते उपजिलाधिकारी कार्यालय में शोक सभा का आयोजन कर दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस दुखद घड़ी को सहने की शक्ति प्रदान करने हेतु प्रार्थना की गई।

ज्ञात हो कि गत 17 मार्च को नायब तहसीलदार की माता जी का हृदय गति रुक जाने के चलते निधन हो गया था। जिसके चलते हैं उपजिलाधिकारी हरिओम शर्मा ने शोक प्रस्ताव रखा, जिसमें समस्त राजस्व परिवार ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान किए जाने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की। इस मौके पर उपजिलाधिकारी सहित समस्त राजस्व कर्मी मौजूद रहे।

संतराम विश्वकर्मा को भाजपा में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

पूरनपुर। वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के प्रति पूर्ण आस्था रखने वाले भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ने पार्टी द्वारा चुनाव मैदान में उतारे गए प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताने में अहम भूमिका निभाकर भाजपा में अपनी एक मजबूत पकड़ बना ली है। बताते चलें कि अपने समाज में एक स्वच्छ व मजबूत छवि रखने वाले झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य से पार्टी हाईकमान द्वारा मांगे गए बायोडाटा से यह कयास लगाया जा रहा है कि उनको शीघ्र भारतीय जनता पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

भारतीय जनता पार्टी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संतराम विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी पार्टी में आस्था तथा पार्टी एवं पार्टी प्रत्याशियों के लिए तन मन धन से जुटे रहने की लगन को देखते हुए पार्टी प्रदेश अध्यक्ष द्वारा द्वारा उनसे बायोडाटा मांगा गया है जिससे देश है जो अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्हें पार्टी हाईकमान द्वारा जल्द ही पार्टी में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। संतराम विश्वकर्मा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सहित श्रम विभाग एवं दर्जा राज्यमंत्री पंडित सुनील भराला जी को दिए बायोडाटा में बताया कि विगत 20 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के एक सच्चे सिपाही के रूप में अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हैं उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2006 से झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रहे तथा 2010 से 2014 तक ब्रज क्षेत्र संयोजक रहे एवं 2011 से 2014 तक भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे श्री विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2001 में भाजपा प्रत्याशी डॉ विनोद तिवारी को विधानसभा का चुनाव लड़ाया

जिसमें उन्हें विजयश्री प्राप्त हुई तथा 2004 में मेनका गांधी को लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत दिलाई तथा स्नातक चुनाव में डॉक्टर नेपाल सिंह को पूर्णता के साथ चुनाव लड़ा कर विजयश्री दिलाने में अहम भूमिका निभाई श्री विश्वकर्मा ने भारतीय जनता पार्टी के समस्त प्रत्याशियों को चुनाव लड़ा कर जीत दिलाने में पूर्ण कर्मठता से अपनी जिम्मेदारी निभाए जाने की बात कही बता दें कि संतराम विश्वकर्मा अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं और वह अपने समाज के हितों की सदैव लड़ाई लड़ते रहते हैं क्योंकि पूरनपुर विधानसभा में पिछड़ी जाति विश्वकर्मा सर्वाधिक मतदाताओं में शुमार है ऐसे में पार्टी हाईकमान द्वारा मांगे गए बायोडाटा से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि समाज में मजबूत रूप से खड़े संतराम विश्वकर्मा को जल्द ही भारतीय जनता पार्टी कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपने वाली है।

युवती को अगवा करने मामले में पुलिस ने नहीं की कोई कार्यवाही

पूरनपुर। युवती को घर में अकेला पाकर गांव के ही रहने वाले एक युवक ने साथियों के साथ मिलकर युवती का अपहरण कर लिया। परिजनों को घर लौटने पर जब युवती के अगवा होने की जानकारी मिली तो उन्होंने थाना माधोटांडा पुलिस को तहरीर देकर कानूनी कार्यवाही की मांग की, लेकिन पुलिस ने आरोपी युवकों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की। जिससे परेशान परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस क्षेत्राधिकारी से की है।

नगर पंचायत कलीनगर के एक मोहल्ले की युवती के माता पिता कहीं बाहर गए हुए थे। जिसकी जानकारी लगने पर क्षेत्र के ही जमुनिया के रहने वाले एक युवक ने गत 13 मार्च को अपने दो भाइयों की मदद से दलित युवती का अपहरण कर लिया। युवती के परिजन जब घर लौटे तो घर पर उन्हें युवती नहीं मिली। जानकारी करने पर जब युवती के अगवा होने की पुष्टि हो गई तो परिजनों में हड़कंप मच गया।

युवती की मां ने मामले की लिखित शिकायत थाना माधोटांडा पुलिस से की। आरोप है कि शिकायत के बावजूद भी पुलिस ने आरोपी युवकों पर कोई कार्यवाही नहीं की। जिस पर युवती की माता ने पुलिस क्षेत्राधिकारी योगेंद्र कुमार को तहरीर देकर आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए अपहृत युवती की बरामदगी की मांग की है।

किसानों की मदद के तमाम दावे साबित हुए झूठे

सर्वे रिपोर्ट 25 फीसद जबकि 33 फीसद फसल नष्ट होने पर मिलता है मुआवजा

पूरनपुर। सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने सहित किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के चलते हुए नुकसान की भरपाई के नाम पर दिए जाने वाले मुआवजा की उम्मीदों पर भी पानी करता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के मुखिया द्वारा किसानों को आर्थिक सहायता दिए जाने के फरमान के बावजूद भी किसान अधिकारियों द्वारा किए गए सर्वे के प्रतिशत के कारण सरकारी सहायता से वंचित रहेंगे।

असमय हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन को छूने लगी है साथ ही फसलों में कई रोगों और कीट पतंगों के लगने की संभावनाएं बढ़ गई। तहसील प्रशासन, कृषि विभाग व बीमा कंपनियों की उदासीनता किसानों को बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा मिलने में सबसे बड़ी बाधक बनती हुई दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा 72 घंटे में किसानों को आर्थिक सहायता देने का फरमान भी धरातल पर कहीं दिखाई नहीं दे रहा है।

जानकारी के अनुसार तहसील क्षेत्र के अधिकारियों ने किसानों की फसल के हुए नुकसान का मौके पर जाकर आकलन करने की बजाए घर बैठे रिपोर्ट तैयार कर दी, जिसके अनुसार किसानों की 10 से 22 फीसदी फसल खराब हुई है। बर्बाद हुई फसल 33 फीसदी से कम खराब होने पर मुआवजा ना मिलने का नियम बताया जाता है, जिस कारण असमय हुई बारिश व ओलावृष्टि से भारी क्षति झेल रहे किसानों को मुआवजा मिलने की उम्मीदों पर पानी फिरता हुआ दिखाई दे रहा है। यदि वास्तविकता में राजस्व कर्मी मौका मुआयना कर सर्वे रिपोर्ट बनाते तो उन्हें ज्ञात होता कि अधिकांश किसानों की 50 फीसदी से अधिक फसल खराब हो चुकी है।

तहसील कलीनगर क्षेत्र के तीन ग्रामों में 33 प्रतिशत से ऊपर नुकसान होना तो राजस्व कर्मी बता रहे हैं लेकिन पूरनपुर में तो यह आंकड़ा अभी नहीं छुआ जा सका है, जिससे किसानों में रोष पनप रहा है। बताते हैं कि राजस्व कर्मियों द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार तहसील पूरनपुर व कलीनगर क्षेत्र के 500 गांवों में से सिर्फ 3 गांव के किसानों को ही मुआवजा मिल सकेगा। जिसमें तहसील कलीनगर क्षेत्र के ग्राम ग्रांट नंबर एक वानगंज, बिशनपुर में 110 और नवदिया मु0 शिवनगर में 261 किसानों का ही 33 फीसदी से ऊपर नुकसान हुआ है, जिन्हें सरकार मुआवजा देगी।

कोरोना की दहशत का लाभ उठाकर की जा रही मास्क की कालाबाजारी

पूरनपुर। कोरोना वायरस के बचाव के लिए मास्क खरीदने वालों की मेडिकल स्टोरों पर भारी भीड़ देखी जा सकती है। जिसका लाभ उठाने के लिए मेडिकल स्टोर संचालकों ने मास्क की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। मेडिकल स्टोर पर की जा रही मास्क की कालाबाजारी की सूचना पर उपजिलाधिकारी हरिओम शर्मा ने नाराजगी जताते हुए तहसील सभागार में मेडिकल संचालकों की बैठक बुलाकर मास्क की कालाबाजारी ना करने के निर्देश दिये। वहीं ड्रग इंस्पेक्टर ने ओवररेट में मास्क बेचने वालों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

देश में बढ़ते कोरोना वायरस के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सरकार द्वारा कोरोना वायरस को महामारी घोषित किए जाने के बाद से ही देशवासियों द्वारा इसके बचाव के लिए सतर्कता बरतना शुरू कर दी गई है। आमजन हो या फिर कोई नेता या अधिकारी हर कोई कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए सावधानियां बरत रहा है। इसी क्रम में लोग मास्क और हैंड सेनीटाइजर की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। अचानक बाजार में मास्क की बढ़ी डिमांड के चलते कई मेडिकल स्टोरों से मास्क और हैंड सेनीटाइजर समाप्त हो गया है। जिसका लाभ उठाते हुए अधिकांश मेडिकल स्टोर संचालकों ने मास्क की कालाबाजारी शुरू कर दी।

जब मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा मास्को को कई गुना अधिक कीमतों पर बेचे जाने की शिकायतें उपजिलाधिकारी हरिओम शर्मा को मिली तो उन्होंने औषध निरीक्षक बबीता रानी की मौजूदगी में तहसील सभागार में मेडिकल स्टोर संचालकों की एक बैठक बुलाई गयी, जिसमें मेडिकल स्टोर संचालकों को मास्क की कालाबाजारी ना करने के निर्देश दिए गये। बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर बबीता रानी ने भी मेडिकल संचालकों को मास्क की कालाबाजारी करने पर सख्त कार्रवाई किए जाने की भी चेतावनी दी। वहीं मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि उन्हें ऊपर से ही बढ़े हुए दामों में मास्क मिल रहा है जिसके चलते मजबूरी में वह पूर्व निर्धारित दामों से अधिक में मास्क को बेचने के लिए मजबूर हैं।

सरकारी योजनाओं से वंचित है कटान पीड़ित

उजड़ चुके अशोक नगर वासियों ने एसडीएम को दिए ज्ञापन में भूमि को खतौनी में दर्ज कराने की मांग की

पूरनपुर। शारदा नदी के कहर के चलते गत तीन दशक पूर्व गांव के नामों निशान मिट जाने के चलते ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर गए और वहां अपने अपने आशियाने बना लिए बरसों बीत जाने के बावजूद भी उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज ना होने के चलते कटान पीड़ित आज भी सरकारी योजनाओं से वंचित है जिसको लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम को पत्र देकर समस्या का निदान कराए जाने की मांग की है।

तहसील क्षेत्र के जान शारदा पार स्थित अशोकनगर का वर्ष 1993 में शारदा कटान कहर के चलते नामोनिशान मिट गया था। ग्राम अशोक नगर में रहने वाले सैकड़ों परिवार सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर बिखर गए, वहीं करीब 5 दर्जन ग्रामीणों ने गांव की ही ग्राम समाज की जमीन पर आशियाना बना लिया और अपना जीवन यापन करने लगे। उक्त भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज ना होने के कारण वहां रह रहे ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जिसको लेकर ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की। वर्षों से उक्त भूमि के राजस्व अभिलेखों में दर्ज ना होने के कारण ग्रामीण काफी परेशान हैं। एक बार फिर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी हरिओम शर्मा को पत्र देकर समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की है। पत्र देने वालों में राम धारी देवी प्रसाद अलाउद्दीन धनपत जंग बहादुर राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

टेढ़े पोल से हादसे की आशंका

पूरनपुर। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत रघुनाथपुर की ओर जाने वाले 11,000 की लाइन का विद्युत पोल टेढ़ा होने से हादसे की आशंका जताते हुए प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह महल ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि वह कई बार उक्त पोल से होने वाली अनहोनी की आशंका जताते हुए विद्युत विभाग से शिकायत कर चुके हैं परंतु विद्युत विभाग द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया गया। एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में अधिवक्ता ने जांच उपरांत संबंधितों पर कार्यवाही किए जाने की मांग करते हुए समस्या का समाधान कराए जाने की बात कही है।

असलहा के दम पर महिला से दुष्कर्म का आरोप

पूरनपुर। घर पर अकेली महिला से तमंचे के बल पर दुष्कर्म किए जाने के मामले में कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की। जिस पर पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
तहसील क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला का पति देशी शराब की दुकान पर नौकरी करता है। गांव के ही कुछ लोग कच्ची शराब का अवैध धंधा करते हैं,

जिसके चलते उक्त लोग महिला व उसके पति से रंजिश मानते हैं। आरोप है कि गत 14 मार्च को जब महिला घर पर अकेली थी इस दौरान अवैध शराब का कारोबार करने वाला युवक तमंचा लेकर अपने साथियों के साथ महिला के घर में घुस गया और विरोध करने पर महिला की पिटाई लगाने के बाद तमंचे के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की, जिस पर पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

कई मांगों को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील में किया प्रदर्शन

तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर बरसात और ओलावृष्टि में खराब फसल का उचित मुआवजा देने की कही बात

पूरनपुर। बीते दिनों हुई बरसात और ओलावृष्टि से खराब फसल की सही से जांच कर मुआवजा देने सहित कई समस्याओं को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओ ने तहसील में पंचायत की और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर किसानों को खराब फसल का उचित मुआवजा दिए जाने की बात कही साथ ही चीनीमिल गेट पर हो रही घटतौली पर भी किसानों ने काफी नाराजगी जताई है।
भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंजीत सिंह की अध्यक्षता में तहसील में पंचायत का आयोजन हुआ। जिसमें बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की खराब हुई

फसल पर चिंता व्यक्त की गई। किसान नेता मंजीत सिंह ने खराब फसलों का आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा देने की बात कही। इसके साथ प्रधानमंत्री बीमा योजना का भी लाभ समय पर दिलाने की बात कही। कार्यकर्ताओं ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से तहसील क्षेत्र में खराब हुई फसलों की जांच कर उचित मुआवजा दिलाने, पूरनपुर चीनीमिल गेट पर घटतौली रोकने, जंगली जानवर से नुकसान होने पर तार फेंसिंग करने, गांव में घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने और गन्ना किसानों को 14 दिन के अंदर भुगतान देने संबंधित पांच सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार विजय कुमार त्रिवेदी को सौंपा। पंचायत में स्वराज सिंह, रामभजन, घासीराम, राजेश कुमार, सीताराम, महेश कुमार, बलजीत सिंह, रामगोपाल, रामप्रवेश, चंद्रिका प्रसाद, रामेश्वर दयाल, सुरेश लाल, रामसरन, बालकराम, रामकुमार प्रजापति सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

तेंदुए ने आवारा पशु का किया शिकार

पूरनपुर। आबादी क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशु को तेंदुए ने निवाला बना लिया। तेंदुए को देखने पर ग्रामीणों द्वारा शोर मचाने पर तेंदुआ पड़ोस के गेहूं के खेत में छुप गया। घटना को लेकर क्षेत्र में दहशत का माहौल है और लोग किसी अनहोनी घटना की आशंका को लेकर खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। सूचना मिलने के बावजूद भी वन कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई जिससे ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है।

कलीनगर तहसील अंतर्गत आने वाले हैं इंडो नेपाल बॉर्डर क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में पहुंचने से ग्रामीणों को निजात नहीं मिल पा रही है। अधिकतर गांव जंगल के निकट होने से वन्य जीव गांव के इर्द गिर्द घूमते रहते हैं। इन दिनों क्षेत्र में तेंदुआ आतंक का पर्याय बना हुआ है। पिछले दिनों तेंदुआ लगभग दो दर्जन से अधिक मवेशियों को वह अपना निवाला बना चुका है। सूचना मिलने के बावजूद वन विभाग इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। इससे ग्रामीण काफी भयभीत हैं।

रात के अंधेरे में क्षेत्र के गांव नगरिया खुर्द कला में आवारा बछिया पर तेंदुए ने हमला कर दिया। बछिया को खींचता हुआ तेंदुआ देख ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर तेंदुआ गेहूं के खेत में छिप गया। रात होने से ग्रामीण खेत में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। सुबह अधखई बछिया का शव देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई। इसके बावजूद विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है और ग्रामीण खेत में तेंदुए की उपस्थिति को लेकर भयभीत ही नहीं है बल्कि अपने किसी कार्य के लिए खेतों पर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

तेंदुआ के साथ शावक देख ग्रामीण भागा
पूरनपुर। कलीनगर तहसील क्षेत्र के रहने वाले सुभाष किराना व्यापारी हैं। वह सामान लेकर घर वापस जा रहे थे। जैसे ही वह नौजलिया बूंदीभूड़ मार्ग पर पहुंचे। तेंदुआ और दो शावकों को देखकर वह काफी डर गए। जान बचाने को वह गांव की तरफ भागने लगे। मामले की सूचना नौजलिया वन चैकी पर दी गई। वन कर्मियों का कहना है कि शावको के साथ तेंदुआ देखे जाने की सूचना पहले भी मिल चुकी है। पग मार्ग न मिलने से अभी पुष्टि नहीं की जा सकती। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार वन विभाग की अनदेखी लोगों के लिए मुसीबत बन सकती है।

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