साइबर क्राइम टीम ने आनलाइन धोखाधड़ी के मामले में पीडि़तों के वापस दिलाए रुपए

साइबर क्राइम टीम ने आनलाइन धोखाधड़ी के मामले में पीडि़तों के वापस दिलाए रुपए

उरई। पुलिस अधीक्षक डा. सतीश कुमार के नेतृत्व में जनपद की साइबर क्राइम टीम द्वारा एक सराहनीय कार्य किया गया जिससे जनपद में आनलाइन फ्राड से पीडि़त व्यक्तियों के चेहरों पर खुशी नजर आई। साथ ही जनपद की पुलिस टीम को पीडि़त व्यक्तियों द्वारा धन्यवाद व आभार प्रकट किया गया। आज पुलिस अधीक्षक डा. सतीश

उरई।

पुलिस अधीक्षक डा. सतीश कुमार के नेतृत्व में जनपद की साइबर क्राइम टीम द्वारा एक सराहनीय कार्य किया गया जिससे जनपद में आनलाइन फ्राड से पीडि़त व्यक्तियों के चेहरों पर खुशी नजर आई। साथ ही जनपद की पुलिस टीम को पीडि़त व्यक्तियों द्वारा धन्यवाद व आभार प्रकट किया गया। आज पुलिस अधीक्षक डा. सतीश कुमार द्वारा बताया गया कि जनपद की साइबर क्राइम टीम ने आनलाइन द्वारा किए गए धोखाधड़ी के मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है जिसमें टीम के द्वारा पीडि़त व्यक्तियों का कुल चार लाख उनसठ हजार पांच सौ चौंतीस रुपए उनके संबंधित खातों में वापस कराए गए

जिससे खुश होकर पीडि़त व्यक्तियों ने तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक व साइबर क्राइम टीम को बार बार धन्यवाद दिया। आनलाइन धोखाधड़ी से पीडि़त व्यक्तियों में रुपए वापस पाने वालों में रंजीत सिंह, महिमा देवी, मेघना अग्रवाल, रामअवतार, अतुल कुमार, रामराजा, कुसुम, भूरे, अनिरुद्ध त्रिपाठी, शुभम द्विवेदी, दक्षा गुप्ता, राकेश कुमार श्रीवास्तव, रंजना गुप्ता एवं अवनीश पुत्र प्रकाश नारायण रहे एवं बरामद कराने वाली टीम में उपनिरीक्षक राहुल सिंह प्रभारी साइबर सेल, साइबर सेल के कांस्टेबिल नरेश कुमार, कांस्टेबिल आलोक कुमार, कांस्टेबिल प्रशांत मिश्रा मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डा. सतीश कुमार ने कहा कि आम जनता को बार बार मीडिया के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है

कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी के मामले में बिल्कुल लापरवाही न बरतें और एेसी स्थिति में आप अपनी शिकायत को लिखकर चौबीस घंटे के अंदर संबंधित कोतवाली थाने या चौकी या फिर सीधे हमें (पुलिस अधीक्षक) मोबाइल पर सूचित करें जिससे समय रहते आपके पैसों को लौटाने का प्रयास किया जा सके।

साथ ही यह भी कहा कि किसी भी फर्जी काल पर भरोसा न करें और न ही उसके द्वारा भेजे गए किसी भी प्रकार की ओटीपी को शेयर या लिंक को ओपन करें और सबसे पहले अपने संबंधित बैंकों में जानकारी लें। तत्पश्चात संदेह होने पर उसकी लिखित शिकायत संबंधित कोतवाली, थाने, चौकी में कराएं क्योंकि सावधानी ही आपका बचाव है।

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