यह बर्बरता भरी जहरीली मानसिकता कहां से जन्म लेती है?
कानूनी सख्ती के बावजूद दरिंदों में पुलिस और कानून का रंचमात्र भय नहीं है।
मनोज कुमार अग्रवाल
देश के कई इलाकों में जिस तरह की सांप्रदायिक नफरत और प्रतिशोध से भरी वारदातें सामने आती हैं उस से लगता है कि इन वारदातों के पीछे कोई ऐसी पूरी सुनियोजित साजिश रहती है जो नफरत और खूनी दरिंदगी भरी मानसिकता का बीजारोपण करती है पिछले कुछ समय में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इस से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में ऐसी कई बर्बरता भरी वारदातों को अंजाम दिया जा चुका है जिनसे लगता है कि कानूनी सख्ती के बावजूद दरिंदों में पुलिस और कानून का रंचमात्र भय नहीं है।
ताज़ा घटनाक्रम में गाजियाबाद से एक बेहद सनसनीखेज और कलेजा कँपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन एक 17 वर्षीय हिंदू किशोर, सूर्या चौहान की उसके ही पूर्व परिचित मुस्लिम दोस्तों ने बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले कट्टरपंथी हमलावरों ने पीड़ित से पूछा, “क्या तुमने कभी बकरा हलाल होते देखा है? आज तुझे दिखाते हैं।”
आरोप है कि यह कहते ही उन्होंने सूर्या पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया। नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान तड़प-तड़प कर इस हिंदू लड़के ने दम तोड़ दिया। पुलिस की प्राथमिकी इस पूरी खौफनाक साजिश की गवाही दे रही है। पुलिस ने रविवार के तड़के मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है इस से पहले 3 नामजद आरोपितों को गिरफ्तार किया और 2 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया ।
आपको बता दें मृतक सूर्या चौहान मूल रूप से एटा का रहने वाला था। वह नवनीत विहार, खोड़ा में अपनी माँ, बड़े भाई यश चौहान और छोटी बहन के साथ रहता था। उसके पिता कौशलेंद्र की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। सूर्या 11वीं कक्षा का छात्र था। जानकारी के मुताबिक, करीब 8 महीने पहले सूर्या का पड़ोस में रहने वाले असद नाम के युवक से किसी बात पर मामूली विवाद हुआ था।
इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए असद ने बकरीद के पवित्र दिन को चुना। 28 मई की दोपहर को असद ने सूर्या को फोन किया। उसने सूर्या को बकरीद की पार्टी के बहाने मिलने के लिए चौधरी स्कूल के पास वाली गली नंबर 2 में बुलाया। सूर्या अपने दोस्त आयुष और विक्की के साथ असद से मिलने पहुँचा था। विक्की और आयुष ने आँखों देखा हाल बताते हुए बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया। विक्की ने बताया कि जैसे ही वे गली में पहुँचे, वहाँ पहले से ही असद, नवाब, फरहान, आतिफ और सारिक समेत 5 से 6 मुस्लिम युवक हथियारों के साथ घात लगाकर बैठे थे बताया जा रहा है कि आते ही उन्होंने सूर्या को चारों तरफ से दबोच लिया।
इसके बाद उन्होंने सांप्रदायिक और हिंसक टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपितों ने चिल्लाते हुए कहा कि आज बकरीद है और आज कुर्बानी इस हिंदू लड़के की देंगे। यह कहते ही सभी आरोपितों ने सूर्या पर बड़े चाकुओं से हमला बोल दिया। उन्होंने सूर्या के पेट, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ कई वार किए। हमला इतना बर्बर था कि चाकुओं की गोदने की वजह से सूर्या की आंतें तक बाहर आ गईं।मौके पर चीख-पुकार और शोर मच गया।
शोर सुनकर पास ही मौजूद सूर्या का भाई यश चौहान और उसकी माँ दौड़ते हुए घटना स्थल की तरफ भागे। परिजनों को अपनी तरफ आता देख सभी मुस्लिम हमलावर खून से लथपथ सूर्या को तड़पता हुआ छोड़कर मौके से फरार हो गएपरिजन आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल सूर्या को नोएडा के सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल लेकर पहुँचे। वहाँ डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद अगले दिन यानी 29 मई को दोपहर करीब 12 बजे सूर्या ने दम तोड़ दिया। सूर्या की मौत की खबर जैसे ही खोड़ा इलाके में फैली, वहाँ भारी रोष और सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई।
पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार अपने बेटे को याद कर इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। खोड़ा नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष रीना भाटी और विभिन्न हिंदू संगठनों के लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए मृतक के भाई यश चौहान द्वारा दी गई तहरीर जानलेवा हमला कर हत्या करने के प्रयास के संबंध में दर्ज कराई गई थी प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 28 मई को दोपहर करीब 3:30 बजे शिकायतकर्ता का भाई सूर्या अपने दोस्त आयुष (पुत्र मनोज भारती, निवासी नवनीत विहार, खोड़ा) के साथ जा रहा था।
तभी खोड़ा की शर्मा डेरी वाली गली में लोकप्रिय विहार का रहने वाला अशद (पुत्र नवाब) मिला।अशद ने अचानक सूर्या के साथ गाली-गलौज करते हुए झगड़ा शुरू कर दिया और फिर जान से मारने की नीयत से उसके पेट में चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में सूर्या गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की माँग की है।
घटना स्थल पर मौजूद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में इस हत्या को लेकर गहरा आक्रोश है। उन्होंने योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन से माँग की है कि सभी फरार आरोपितों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। हिंदू समाज का कहना है कि यह केवल दो गुटों की लड़ाई नहीं, बल्कि बहुसंख्यक समाज की सुरक्षा पर सीधा प्रहार है। विभिन्न संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्य आरोपित असद समेत सभी दोषियों के घरों पर तुरंत बुलडोजर नहीं चलाया गया और उन्हें सख्त सजा नहीं मिली, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल पुलिस स्थिति को नियंत्रण में बता रही है और मुख्य आरोपित की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
आपको बता दें कि यूपी के गाजियाबाद और इस से सटे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों में हत्या के कुछ हालिया मामलों में मुस्लिम समुदाय से जुड़े आरोपियों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, पुलिस जांच और आधिकारिक रिपोर्टों में इन घटनाओं को सुनियोजित या समुदाय-विशिष्ट घृणा के बजाय मुख्य रूप से आकस्मिक विवादों, पुरानी दुश्मनी या आपसी रंजिश का परिणाम बताया गया है।आपको दो माह पहले जेजे कालोनी उत्तम नगर की नृशंसता भरी वारदात याद होगी यहां हिन्दू त्योहार होली के दिन रंग-बिरंगे पानी के छींटे पड़ने और गुब्बारा लगने को लेकर दो समुदाय से जुड़े परिवारों के बीच विवाद हुआ था।
इस घटना में 26 वर्षीय तरुण कुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसी दिन यानि होली के दिन ही सिगरेट के विवाद में सूरज नामक 26 वर्षीय हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में सादिक नामक आरोपी को गिरफ्तार कर कार्रवाई की। और अब दिल्ली से सटे गाजियाबाद में बकरीद के दिन एक 16 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की उसके ही परिचित दोस्त अशद ने साथियों के साथ मिलकर चाकू गोदकर हत्या कर दी गई है।
यकीनन मौजूदा वारदात नाबालिग में लड़के सूर्या की बकरीद के दिन जिस तरह आतातायी हमलावरों ने हत्या की है वह अराजक व कम्युनल अपराधियों के बढ़ते हौसले का सबूत है घटना पर दुख जताते हुए और पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए मृतक की मां ने कहा, "मैं घर पर नहीं थी, ड्यूटी पर थी। किसी ने मुझे फोन करके बताया कि मेरे बेटे को चाकू मार दिया गया है। जब मैं आई, तो मैंने शाम 7 बजे के करीब अपने बेटे का चेहरा देखा। मुझे इंसाफ़ चाहिए।
एक न्यूज रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल पहुंचने के बाद जो कुछ देखा, उसे याद करते हुए मृतक की मौसी सुनीता ने कहा, "मैं सबसे पहले अस्पताल गई थी। मैंने उन्हें वहां देखा। वे यह साबित करना चाहते थे कि पहले बकरे की कुर्बानी दी और अब वे इंसान की कुर्बानी देंगे। बकरीद के दिन मेरे बच्चे को धोखे से घर से बुलाया गया। फिर उससे पूछा गया कि बकरा कैसे काटा जाता है। हिंदू बच्चों को ऐसी बातों के बारे में क्या पता? हमारे बच्चों ने कभी खून-खराबा नहीं देखा। वे क्या कहते? यही कहते कि उन्होंने कभी नहीं देखा। फिर उसके पेट में चाकू घोंप दिया गया और उसकी जिंदगी वहीं खत्म हो गई।"
सवाल यह है कि इस तरह की दरिंदगी और बर्बरता की सोच को कौन उकसा रहा है? बकरीद से दो दिन पहले ही गाजियाबाद से सटे हापुड़ जनपद के पिलखुवा में एक शनिदेव प्रतिमा को एक समुदाय विशेष के एक जेहादी ने तोड़ दिया बाद में सीसीटीवी कैमरे के जरिए मिले सबूत से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इन दिनों सोशल मीडिया पर भी मनमानी घृणा और विद्वेष की बातें बहुलता से वायरल हो रहीं हैं यह एक स्वस्थ समाज की संरचना को तोड़ रहा है और परस्पर जहरीली सोच तैयार कर रहा है सरकार को गंभीरता से सख्त कदम उठाने चाहिए और इस जहर की फसल को बीजनाश करनी चाहिए ।
uttar pradesh crime news criminal justice system criminal investigation delhi ncr news गाजियाबाद समाचार कानून व्यवस्था उत्तर प्रदेश अपराध समाचार Police Action Communal Harmony सांप्रदायिक सौहार्द Social Awareness Communal Tension Public Safety Youth Murder Case न्याय की मांग सामाजिक सद्भाव Social Cohesion Hate Crime Debate Justice for Victims Youth Violence Manoj Kumar Agrawal सूर्या चौहान हत्याकांड खोड़ा थाना युवा हिंसा मनोज कुमार अग्रवाल


Comments