पुलिस को नहीं मिला फरार दुष्कर्म आरोपी, लेकिन हाइकोर्ट में हलफनामा दाखिल करने पहुंचा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराज़गी, CBI जांच पर विचार

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

ब्यूरो प्रयागराज- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कड़ी फटकार लगाई, जब यह सामने आया कि जिस सामूहिक दुष्कर्म आरोपी को पुलिस महीनों से फरार और अज्ञात स्थान पर बता रही है। वही आरोपी हाइकोर्ट की कार्यवाही में परोक्ष रूप से शामिल हो रहा था और हाल ही में हलफनामा दाखिल करने के लिए उसका आधिकारिक फोटोग्राफ भी न्यायालय परिसर में लिया गया।

जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह स्थिति चौंकाने वाली है और प्रथम दृष्टया जांच अधिकारी की निष्ठा पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

मामला उस आपराधिक रिट याचिका से संबंधित है, जिसमें पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पुलिस पांच महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपी याकूब को गिरफ्तार नहीं कर सकी और न ही जांच पूरी कर पाई।

पूर्व सुनवाइयों में हाईकोर्ट ने जांच में देरी पर असंतोष जताते हुए संबंधित क्षेत्राधिकारी और जांच अधिकारी को तलब किया था। हालांकि, जांच अधिकारी आरोपी को पकड़ने में विफल रहा और अपने अनुपालन हलफनामे में प्रयासों का विवरण प्रस्तुत किया।

एनएसई ने किया सीईआरसी  नियम 2026 में मार्केट कपलिंग लागू करने का स्वागत Read More एनएसई ने किया सीईआरसी  नियम 2026 में मार्केट कपलिंग लागू करने का स्वागत

इस पर अदालत ने कहा, “वह हमें केवल यह कहानी सुना रहा है कि उसने कितने प्रयास किए पर सब व्यर्थ रहे। यह हलफनामा केवल समय लेने का प्रयास प्रतीत होता है। हमें नहीं पता कि यह समय आरोपी की मदद के लिए लिया जा रहा है या पुलिस की।”

हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दिशा-निर्देश जारी करने से इनकार Read More हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दिशा-निर्देश जारी करने से इनकार

सुनवाई के दौरान घटनाक्रम ने तब नया मोड़ लिया जब फरार बताए जा रहे आरोपी की ओर से एक अधिवक्ता अदालत में उपस्थित हुआ। पीठ ने जब आरोपी को पेश करने को कहा, तो उसके वकील ने निर्देश लेने के लिए समय मांगा।

आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, किसान चिंतित Read More आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, किसान चिंतित

इस पर अदालत ने टिप्पणी की कि आरोपी अदालत के साथ खेल खेल रहा है और यह भी कहा कि आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा कि पुलिस उसकी मदद कर रही है या नहीं। अदालत तब और अधिक आश्चर्यचकित हुई जब यह पाया गया कि आरोपी की ओर से दाखिल संक्षिप्त जवाबी हलफनामे के साथ उसका फोटो संलग्न है, जिसे हाईकोर्ट के आधिकारिक कैमरे से सुनवाई से मात्र दो दिन पूर्व लिया गया था।

इस पर खंडपीठ ने कहा, “यह अत्यंत चौंकाने वाला है कि एक फरार आरोपी, जो हाईकोर्ट के इतने निकट घूम रहा है और लगभग इस याचिका की सुनवाई की प्रक्रिया में भाग ले रहा है, वह पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह जांच अधिकारी की निष्ठा के बारे में बहुत कुछ कहता है।”

हाईकोर्ट ने पुलिस को आरोपी को पकड़ने के लिए अंतिम 10 दिन का समय दिया है। साथ ही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए संकेत दिया कि जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी।

About The Author

Post Comments

Comments