सनातन संवाद; शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का एलान - 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में उतारेंगे अपना प्रत्याशी

सनातनियों को एक होकर आने वाले चुनाव में वोट करने की अपील की

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ब्यूरो प्रयागराज : राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा की ओर से 'सनातन संवाद' कार्यक्रम का आयोजन रविवार को बस्ती जीआईसी मैदान में किया गया. ब्राह्मण समाज को एकजुट करने के लिए पूर्वांचल के ब्राह्मण नेता एकजुट होकर मंच पर पहुंचे और योगी सरकार के खिलाफ हुंकार भरी. अविमुक्तेश्वनंद ने कहा, अगर आने वाले 2027 के चुनाव में कोई भी राजनैतिक दल गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की बात नहीं करेगा, तो वे खुद अपना कोई प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार देंगे. उन्होंने सनातनियों को एक होकर आने वाले चुनाव में वोट करने की अपील की.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, उत्तर प्रदेश में 16 करोड़ पशुओं को मारकर खा लिया गया. यूपी सरकार इस पर रोक नहीं लगा सकी. पहले के मुख्यमंत्री अगर गायों के मांस की बिक्री पर रोक नहीं लगाए, तो योगी सरकार ने भी उस पर क्यों रोक नहीं लगाया. इसका मतलब इनकी इच्छा ही नहीं है कि गाय को कटने से रोका जाए.

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, एक व्यक्ति दो पद कैसे संभाल सकता है. जब योगी आदित्यनाथ महंत हैं. उत्तर प्रदेश सरकार से वेतन लेकर इस पद का गलत तरीके से निर्वहन कर रहे हैं. उन्हें चाहिए दोनों में से एक पद को छोड़ दें, मगर वे ऐसा नहीं कर रहे और खुद को संन्यासी कहकर दोनों पद लेकर चल रहे जो मर्यादा के अनुकूल नहीं है. संत सरकारी नहीं असरकारी होना चाहिए.

उन्होंने कहा, भगवा पहनकर जो लोग इस तरह का काम करते हैं, उन्हें भगवा छोड़कर कुर्ता-पायजामा पहन लेना चाहिए. अगर वर्तमान बीजेपी सरकार गाय और सनातन की बात करती, तो विपक्ष को मौका नहीं मिलता. मगर वे ऐसा नहीं कर रहे जिसका फायदा विपक्ष उठा रहा है. सपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस पर कुछ भी बयान दिया, मगर जब तक वे गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की पार्टी स्तर पर घोषणा नहीं कर देते वे उनके साथ भी नहीं हैं.

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उन्होंने कहा कि धर्म के बिना किसी भी स्तर पर कल्याण संभव नहीं है. व्यक्ति, समाज और राष्ट्र तीनों का उत्थान तभी संभव है, जब जीवन में धर्म का समावेश हो. यदि मनुष्य को ऊंचा उठना है तो उसे अपने जीवन में धर्म को अपनाना ही होगा, क्योंकि धर्मविहीन जीवन कभी उन्नति नहीं कर सकता.

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वहीं पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने खुलेमंच से आह्वान किया कि ब्राह्मण अब एकजुट हो जाएं और अहंकारी व अधर्मी सनातन विरोधी सरकार के खिलाफ फरसा उठा कर सत्ता से इस बार उखाड़ फेंके. पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने भी कहा कि ब्राह्मण जरूरत पड़ने पर फरसा भी उठा सकता है और अब ब्राह्मण सुदामा नहीं परशुराम है, अलंकार ने 'हर घर फरसा, घर-घर फरसा' का नारा देकर ब्राह्मण समाज में जोश भरने का काम किया.

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