उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की की कूटरचित वेबसाइट बनाकर अवैध रूप से विद्यार्थियों से ठगी

ठगी करने वाले 02 अभियुक्त गिरफ्तार

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ब्यूरो प्रयागराज। साइबर क्राइम कमिश्नरेट प्रयागराज के निर्देशन में एवं  अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम कमिश्नरेट प्रयागराज के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना प्रयागराज पर पंजीकृत मु0अ0सं0-46/2025 धारा-318(4)/319(2)/338/336(3)/340(2)/61(2)/112 भा0न्या0सं0 व 66(D)/74/84(सी) आई0टी0 एक्ट से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त 1. सत्येन्द्र बर्नवाल पुत्र श्री बैजनाथ प्रसाद निवासी रमजीता थाना कुचाइकोट जिला गोपालगंज बिहार, हालपता- 602 फ्लोर-6 मिगसन कियान वसुन्धरा सेक्टर-14, थाना इंद्रापुरम गाजियाबाद 2. मोनू गुप्ता पुत्र स्व जगन्नाथ गुप्ता निवासी जमुरतगंज मोतीनगर थाना पुराकलन्दर जिला फ़ैजाबाद, हालपता 555/39 महाराजापुराम केशरीखेड़ा थाना कृष्णा नगर कमिश्नरेट लखनऊ को साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम द्वारा दिनांक-29.03.2026 को गिरफ्तार कर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी । मुकदमा उपरोक्त से सम्बंधित 02 अभियुक्तों को दिनांक-25.03.2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है ।
 
घटना का विवरण
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओरिजिनल वेबसाइट www.upmsp.edu.in की कूटरचित वेबसाइट www.upmsp-edu.in बनाकर एवं वेबसाइट पर अवैध रूप विद्यार्थियों/अभिभावको को अनुचित भुगतान के माध्यम से ठगी करने वाले गिरोह के काल सेन्टर का पर्दाफाश किये जाने के सम्बन्ध में।
 
गिरफ्तार किये गये अभियुक्तगणो से पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया कि हम लोग द्वारा माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की ओरिजिनल वेबसाइट www.upmsp.edu.in की कूटरचित वेबसाइट www.upmsp-edu.in बनाकर तथा उ0प्र0 व अन्य प्रदेशो के भिन्न- 2 विश्वविद्यालय व तकनीकि शिक्षा बोर्ड की कूटरचित अंक पत्र,डिग्री,डिप्लोमा व प्रव्रजन प्रमाण पत्र बनाकर सम्पूर्ण भारत वर्ष में एजूकेशनल संस्थान/छात्र/छात्राओं को वितरित करते है।
 
गिरोह के अन्य सदस्यों द्वारा फर्जी अंक पत्र,डिग्री,डिप्लोमा व प्रव्रजन प्रमाण पत्र मांग के अनुरूप स्वयं बनाकर व कलर प्रिंटआउट निकालकर फर्जी मोहर लगाकर दे देते थे। अभियुक्त सत्येन्द्र बर्नवाल द्वारा  कूटरचित वेबसाइट www.upmsp-edu.in तैयार करने का काम किया गया था । अभियुक्त मोनू गुप्ता द्वारा छात्र/छात्राओं से पैसे लेकर फर्जी अंक पत्र, डिग्री, डिप्लोमा व प्रव्रजन प्रमाण पत्र मांग के अनुरूप उपलब्ध कराने का काम किया जाता था । 

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