नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
भारत
मनरेगा बना 'लूट-योजना': उजियानपुर प्रधान ने सरकारी सिस्टम को जूतों की नोक पर रखा भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में जिले के अधिकारी फेल
112 मजदूरों के हक पर चला 'रसूख' का आरा, गरीबों की गाढ़ी कमाई डकार गया तंत्र। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में फेल मुख्य विकास अधिकारी एवं जिलाधिकारी मामले को संज्ञान नहीं ले रहे जिले में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है
बस्ती। बस्ती जिले में प्रदेश की योगी सरकार एक तरफ भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ जनपद के कुदरहा विकास खंड अंतर्गत उजियानपुर ग्राम पंचायत में इस नीति का सरेआम जनाजा निकाला जा रहा है। यहाँ ग्राम प्रधान ने सरकारी सिस्टम को सीधी चुनौती देते हुए मनरेगा योजना को लूट का अड्डा बना दिया है। गांव के 112 गरीब मजदूरों के खून-पसीने की कमाई अब प्रधान की दबंगई और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है।
मजदूरों की मेहनत पर प्रधान का 'डाका'
ग्रामीणों का आरोप है कि उजियानपुर में विकास कार्यों के नाम पर केवल कागजों के घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। मनरेगा पोर्टल पर फर्जी मस्टररोल भरकर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है। 112 ऐसे मजदूरों का नाम सामने आया है जिन्होंने काम तो किया, लेकिन उनकी मजदूरी का पैसा या तो प्रधान के चहेतों के खातों में गया या उसे डकार लिया गया। पीड़ित मजदूरों का कहना है कि जब वे अपने हक की मांग करते हैं, तो उन्हें रसूख का डर दिखाकर चुप करा दिया जाता है।
सिस्टम को बनाया बंधक
हैरानी की बात यह है कि मनरेगा जैसी पारदर्शी व्यवस्था को भी ग्राम प्रधान ने अपने निजी फायदे के लिए 'हैक' कर लिया है। बिना काम किए भुगतान निकालना और अपात्रों को लाभ पहुंचाना यहाँ की दिनचर्या बन गई है। यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन मजाल है कि ब्लॉक स्तर का कोई अधिकारी इसकी सुध ले। इससे स्पष्ट होता है कि इस भ्रष्टाचार की जड़ें कहीं न कहीं उच्चाधिकारियों के मौन समर्थन तक फैली हुई हैं।
किसके रसूख पर फल-फूल रहा है 'विलेन'
गांव में चर्चा आम है कि आखिर इस भ्रष्टाचार के खेल का असली मास्टरमाइंड कौन है? आखिर किसके संरक्षण में ग्राम प्रधान उत्तर प्रदेश सरकार की साख को बट्टा लगा रहा है? क्या जिला प्रशासन इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों को जेल भेजेगा, या फिर रसूखदार अपनी पहुँच के दम पर इन 112 गरीबों की 'हाय' को दबा देंगे?
मजदूरों ने दी आंदोलन की चेतावनी
पीड़ित मजदूरों का सब्र अब जवाब दे रहा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ और आरोपी प्रधान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे विकास भवन का घेराव करेंगे। अब देखना यह है कि बस्ती जिला प्रशासन इन गरीबों के आंसू पोंछता है या भ्रष्टाचार का यह गंदा खेल ऐसे ही चलता रहेगा।
swatantra prabhat बस्ती मनरेगा घोटाला बस्ती समाचार ग्रामीण भ्रष्टाचार मामला ग्राम प्रधान पर आरोप Basti MGNREGA Scam Kudraha Block Basti Ujiyanpur Gram Panchayat MGNREGA Payment Fraud Basti Corruption News Rural Development Scam UP MGNREGA Workers Payment Issue UP Zero Tolerance Policy Government Scheme Corruption Basti Village News कुदरहा ब्लॉक उजियानपुर ग्राम पंचायत भ्रष्टाचार मजदूरों की मजदूरी घोटाला मनरेगा फर्जी मस्टररोल सरकारी योजना में लूट गरीब मजदूर भुगतान विवाद यूपी पंचायत भ्रष्टाचार विकास कार्य घोटाला मजदूरों का आंदोलन मनरेगा योजना यूपी


Comments