यूपी इंटरनेशनल फिल्म कॉन्क्लेव 2026 का भव्य आगाज़
लखनऊ बना फिल्म जगत का केंद्र
संवाददाता प्रगति यादव
लखनऊ। राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी में सोमवार को यूपी इंटरनेशनल फिल्म कॉन्क्लेव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस प्रतिष्ठित आयोजन का उद्देश्य फिल्म उद्योग, शिक्षा जगत और उभरती प्रतिभाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है, जहां सिनेमा के वर्तमान और भविष्य पर सार्थक संवाद हो सके।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कॉन्क्लेव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार द्वारा फिल्म नीति, शूटिंग लोकेशनों की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
Read More मलिहाबाद में साइबर ठगी का बड़ा मामला: डॉक्टर अपॉइंटमेंट के बहाने युवक से 41 हजार रुपये की ठगीदिग्गज कलाकारों और गणमान्य व्यक्तियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में फिल्म और टीवी जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। इनमें जाकिर हुसैन, राजेश जैस, आदित्य श्रीवास्तव प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन कलाकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए युवा प्रतिभाओं को संघर्ष, समर्पण और निरंतर सीखने का संदेश दिया।
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इसके अलावा पूर्व डीजीपी सूर्य कुमार शुक्ला, अमित आर्यन, सोहन मास्टर, धीरज सिंह, रमेश शुक्ला, दुर्गेश पाठक, आलोक सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे, जिनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
एफटीआईआई की सक्रिय भागीदारी, फिल्म शिक्षा पर विशेष जोर
कॉन्क्लेव में Film and Television Institute of India (एफटीआईआई) की भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। संस्थान के कुलपति धीरज सिंह और रणनीति प्रमुख संतोष ओझा ने फिल्म शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक, स्किल डेवलपमेंट और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से नए फिल्मकारों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एफटीआईआई जैसे संस्थान भारतीय सिनेमा की गुणवत्ता और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने राज्य में फिल्म शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
फिल्म इंडस्ट्री और शिक्षा के बीच मजबूत तालमेल पर चर्चा
कॉन्क्लेव के विभिन्न सत्रों में फिल्म निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (Film Ecosystem) को सुदृढ़ करने पर गहन चर्चा हुई। इसमें निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया:
फिल्म निर्माण में नई तकनीकों का उपयोग
क्षेत्रीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाना
युवा प्रतिभाओं के लिए प्रशिक्षण और अवसर
फिल्म संस्थानों और इंडस्ट्री के बीच सहयोग बढ़ाना
उत्तर प्रदेश को फिल्म शूटिंग हब के रूप में विकसित करना
विशेषज्ञों ने कहा कि यदि शिक्षा, तकनीक और उद्योग के बीच मजबूत तालमेल स्थापित हो जाए, तो भारत का फिल्म उद्योग विश्व स्तर पर नई पहचान बना सकता है।
युवा प्रतिभाओं के लिए सुनहरा अवसर
कॉन्क्लेव में बड़ी संख्या में फिल्म छात्र, कलाकार और क्रिएटिव प्रोफेशनल्स शामिल हुए। यह मंच उन्हें न केवल सीखने का अवसर दे रहा है, बल्कि इंडस्ट्री के दिग्गजों से सीधे संवाद का भी मौका प्रदान कर रहा है। वर्कशॉप, पैनल डिस्कशन और इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण के विभिन्न पहलुओं—जैसे निर्देशन, अभिनय, पटकथा लेखन, संपादन और प्रोडक्शन—की गहन जानकारी दी जा रही है। दो दिवसीय आयोजन, कई अहम सत्रों का होगा आयोजन दो दिवसीय इस कॉन्क्लेव में आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण सत्र, मास्टरक्लास और नेटवर्किंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।


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