किसानों के लिए मुसीबत बने छुट्टा पशु

फसलें कर रहे तबाह गौशाला छोड़ ग्रामीण क्षेत्र को बनाया आशियाना

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बस्ती। बस्ती जिले के विक्रमजोत से लेकर के परशुरामपुर हर्रैया कप्तानगंज दुबौलिया विकास खंड के शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों  में छुट्टा पशुओं की भरमार के चलते किसानों की फसलें लगातार बर्बाद हो रही हैं। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वे सफल नहीं हो पा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के किसान बेहद परेशान हैं। किसानों ने सरकार से मांग की है कि छुट्टा पशुओं से फसल की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय किए जाएं।
 
जानकारी के अनुसार विक्रमजोत ब्लॉक के अंतर्गत सैकड़ों गांव सरयू नदी के किनारे माझा क्षेत्र में स्थित हैं। माझा क्षेत्र होने के कारण यहां छुट्टा पशुओं की संख्या काफी अधिक है। हजारों की संख्या में ये पशु दिनभर झुंड बनाकर नदी और नहर के किनारे रहते हैं और शाम होते ही खेतों की ओर निकल जाते हैं। रात भर ये खेतों में उत्पात मचाते हुए खड़ी फसल को खा जाते हैं और खुरों से रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर देते हैं, जिससे किसानों की मेहनत और कमाई पर पानी फिर जाता है
 
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की ओर शासन-प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है। यदि समय रहते कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं और लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच सकते हैं। लोगों ने यह भी बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में कुछ स्थानों पर गौ आश्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन छुट्टा पशुओं को पकड़कर वहां नहीं पहुंचाया जाता है। साथ ही जनप्रतिनिधियों का भी इस समस्या की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं है।
 
रैदासपुर, पड़ेरिया, छतौना, संदलपुर, कन्हईपुर, भौषिया, खेमराजपुर, नई दुनिया उड़गयियां, रायपुर शंकरपुर, गोड़सरा, त्रिलोकपुर, बेतावा सहित दर्जनों गांवों के किसान इस समस्या से जूझ रहे हैं। क्षेत्र के किसान दुखरन सिंह, सुरेश सिंह, मनीष यादव, बृजेश पांडेय, राम सिंह, लक्षिमन सिंह, गंगाराम, राम सिंह पटेल, जगन्नाथ, जगनरायन आदि ने शासन-प्रशासन से इस समस्या पर ध्यान देते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

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