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ओबरा में राष्ट्रीय नव निर्माण सेना ट्रस्ट के तत्वाधान में सुखदेव, राजगुरु भगत सिंह को शहादत दिवस पर किया याद
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ये तीनों नाम नहीं बल्कि एक ऐसी अमर ज्योति है जो युगों -युगों तक भारत माँ के सपूतों को प्रेरणा देती रहेगी- आनंद पटेल दयालु
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
ओबरा / सोनभद्र-
राष्ट्रीय नव निर्माण सेना ट्रस्ट के तत्वाधान में सोमवार को ओबरा नगर के चोपन रोड़ पर क्रांतिकारी भगत सिंह, क्रांतिकारी सुखदेव एवं क्रांतिकारी राजगुरु जी का शहादत दिवस आनन्द पटेल दयालु की अध्यक्षता में मनाया गया।

Read More बस्ती जनपद में पचास के बजाय डेढ़ सौ मीटर नाली निर्माण कर सरकारी धन को बर्बाद कर रहे प्रधान तरेता कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आनंद पटेल दयालु ने कहा कि आज का यह दिन केवल एक तिथि नहीं, बल्कि उन अमर बलिदानियों को नमन करने का पवित्र अवसर है जिन्होंने मात्र 23-24 वर्ष की अल्पायु में हँसते-हँसते फाँसी का फंदा चूम लिया। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ये तीनों नाम नहीं, बल्कि एक ऐसी अमर ज्योति हैं जो युगों-युगों तक भारत माँ के सपूतों को प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने कहा कि इन वीरों ने न केवल अंग्रेजों की गुलामी के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि एक ऐसे भारत का सपना देखा था जहाँ हर नागरिक को समानता, न्याय और स्वाभिमान के साथ जीने का अधिकार हो।
Read More खड्डा : सम्मान के साथ विदाई: शिक्षिका पुष्पा रानी राय के सेवानिवृत्ति समारोह में उमड़ा सम्मानश्री दयालु ने भावपूर्ण स्वर में कहा कि क्रांतिकारियों ने अपने प्राण इसलिए गँवाए थे कि हम आजाद भारत में रह सकें। आज हम आजाद भारत में हैं, लेकिन यह देखकर मन व्यथित होता है कि भ्रष्टाचार आज शिष्टाचार बन चुका है। जिस भारत के लिए इन शहीदों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया, उस भारत में आज भी गरीब, किसान और आम नागरिक न्याय के लिए दर-दर भटकता है। यह उन शहीदों के बलिदान का अपमान है।
इसी क्रम में उन्होंने आगे कहा कि भगत सिंह जी केवल क्रांतिकारी नहीं थे, वे एक गहरे विचारक, लेखक और दार्शनिक भी थे। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस समय थे। हम सभी लोग माँग करते हैं और करते रहेंगे कि क्रांतिकारियों की किताबें अनिवार्य रूप से हर पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाएँ, जिससे नेता, अभिनेता, बिजनेसमैन, कर्मचारी, अधिकारी, वकील, जज बनने से पहले कोई भी व्यक्ति सबसे पहले एक सच्चा देशभक्त बने और यह संस्कार बचपन से ही दिया जा सकता है।
कार्यक्रम में फोटो प्रदर्शन भी हुआ जिसमें क्रांतिकारी महापुरुषों की फोटो लेकर यह माँग की गई। मुख्य रूप से राष्ट्रीय योग संरक्षक धनराज सिंह, जनाब महताब आलम प्रदेश अध्यक्ष, संतोष कनौजिया प्रदेश उपाध्यक्ष, विकास कुमार गौड़ प्रदेश सचिव, जनाब शरीफ खान प्रदेश सचिव, दिनेश केसरी जिला संगठन मंत्री, विवेक जायसवाल आदि लोग उपस्थित रहे।


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