पीडब्ल्यूडी निर्माण  में घटिया सामग्री से बनाई जा रही है सड़क, लोगो में आक्रोश

बिना खुदाई, बिना बेस, सीधे डामर!

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

कोरांव,प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के कोरांव तहसील के भगेसर  से गजनी मोड़   पीडब्ल्यूडी की सिंगल सड़क का निर्माण कार्य  कराया जा रहा है लेकिन मौके की स्थिति देखकर साफ प्रतीत होता है कि निर्माण कार्य विभागीय मानकों के अनुसार न होकर ठेकेदार की सुविधा और जल्दबाजी के हिसाब से किया जा रहा है। जिस तरीके से सड़क बनाई जा रही है, उसे देखकर यही लगता है कि मानक पुस्तिका को किनारे रखकर काम चलाऊ निर्माण कराया जा रहा है।
 
स्थानीय लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो और मौके की जानकारी के अनुसार पुरानी सड़क को पूरी तरह उखाड़े बिना ही उस पर पानी का छिड़काव कर गिट्टी डाल दी जा रही है और रोलर चलाकर उसे समतल दिखाने की कोशिश की जा रही है। जबकि नियमानुसार सड़क निर्माण में सबसे पहले पुरानी परत हटाई जाती है, उसके बाद मिट्टी की समतल परत, फिर गिट्टी, रोलर से दबाव, प्राइम कोट, टैक कोट और उसके बाद डामर की परत डाली जाती है।
 
लेकिन यहां इन सभी प्रक्रियाओं को नजरअंदाज कर सीधे ऊपर -ऊपर काम निपटाने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क कहीं ऊंची तो कहीं नीची बन रही है, कई जगह बिना बराबरी किए ही गिट्टी डाल दी गई है, जिससे साफ है कि बेस मजबूत नहीं बनाया गया। लोगों का कहना है कि जिस गति और तरीके से काम हो रहा है, उससे यह सड़क ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा कि “यह सड़क नहीं, महीने भर की मेहमान लग रही है।
 
”सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब मौके पर खुलेआम इस तरह की लापरवाही हो रही है तो पीडब्ल्यूडी विभाग के जिम्मेदार अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता आखिर कहां हैं। क्या बिना निरीक्षण के ही भुगतान की तैयारी हो रही है या फिर सब कुछ जानकर भी आंखें बंद कर ली गई हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि ठेकेदार की पकड़ इतनी मजबूत है कि काम जैसे भी हो, बिल पास होने में कोई दिक्कत नहीं होती।
 
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और न तो सही तरीके से रोलर चलाया जा रहा है और न ही परतों की मोटाई का ध्यान रखा जा रहा है। सड़क के किनारों पर भी कोई मजबूत सपोर्ट नहीं दिया जा रहा,जिससे बरसात आते ही सड़क बहने का खतरा बना रहेगा।
 
अगर यही हाल रहा तो सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद फिर मरम्मत के नाम पर नया खेल शुरू हो जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, मौके पर तकनीकी टीम भेजी जाए और यदि मानकों में गड़बड़ी पाई जाए तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर विभागीय अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह का घटिया निर्माण दोबारा न हो।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार