विवाहिता की मौत पर अंतिम संस्कार के दौरान हंगामा

मुकदमा दर्ज करने के आश्वासन पर हुआ दाह संस्कार

Swatantra Prabhat Picture
Published On

दो बार बुझाई गई चिता की आग, तीसरी बार में हुआ अंतिम संस्कार 

लंभुआ, सुलतानपुर।
 
कोतवाली चांदा क्षेत्र के शुकुल उमरी गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत के बाद शनिवार को अंतिम संस्कार के दौरान जमकर हंगामा हो गया। मायके पक्ष के लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज होने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।
 
मृतका की पहचान कल्पना के रूप में हुई है। मायके पक्ष ने उसके पति रामबली धुरिया और देवर पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव गांव पहुंचा, जहां से परिजन अंतिम संस्कार के लिए धोपाप घाट ले गए।
 
घाट पर पहुंचने के बाद मायके पक्ष के लोगों ने अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। मृतका के भाई बृजेश ने आरोप लगाया कि उनकी बहन ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि पति और देवर ने मिलकर उसकी हत्या की है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
 
सूचना मिलने पर चांदा थाना प्रभारी अमित मिश्रा मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आत्महत्या की बात सामने आई है, लेकिन मायके पक्ष इस बात को मानने को तैयार नहीं था। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
 
हालात बिगड़ते देख क्षेत्राधिकारी ऋतिक कपूर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उनकी तहरीर पर एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
 
इस दौरान अंतिम संस्कार को लेकर विवाद भी देखने को मिला। मृतका का बड़ा बेटा दाह संस्कार के पक्ष में था, जबकि मायके पक्ष शव को दफनाने की बात पर अड़ा रहा। आरोप है कि कुछ लोगों ने जलती चिता पर पानी डालकर उसे बुझाने की भी कोशिश की, जिससे तीन बार चिता जलाने और बुझाने की स्थिति बनी।
आखिरकार पुलिस की मौजूदगी और समझाइश के बाद मृतका के बड़े बेटे ने मुखाग्नि दी, जिसके बाद अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें