नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
बैक पेपर और फेल घोषित किए जाने से नाराज छात्रों का प्रदर्शन,सात दिन का अल्टीमेटम।
इससे नाराज छात्र पिछले कई दिनों से विश्विद्यालय में प्रदर्शन और हंगामा कर रहे हैं। शनिवार को भी छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय में पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर हंगामा कर दिया।
स्वतंत्र प्रभात राहुल जायसवाल की रिपोर्ट
नैनी,प्रयागराज प्रो.राजेंद्र सिंह रज्जू भैया राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को बैक कर दिया गया। इसके अलावा काफी संख्या में छात्र फेल घोषित किए गए हैं।
इससे नाराज छात्र पिछले कई दिनों से विश्विद्यालय में प्रदर्शन और हंगामा कर रहे हैं। शनिवार को भी छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय में पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर हंगामा कर दिया। छात्रों ने विश्विद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। छात्रों का कहना है कि फेल छात्र-छात्राओं प्रमोट किया जाए। ताकि उनका भविष्य खराब ना हो।
बताया जा रहा कि लगभग 2.5 लाख विद्यार्थियों को बैक पेपर आया है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में छात्र फेल किए गए हैं। जिससे भविष्य को लेकर उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें कैंपस के अंदर प्रवेश नहीं दिया गया था। सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय के बाहर गेट पर ही प्रदर्शन करते रहे।
पुलिस और विश्विद्यालय प्रशासन के पहुंचने पर छात्रों ने सात दिन का समय देते हुए उनकी मांगों पर विचार करने अल्टीमेटम दिया है। कहा कि सात दिनों में कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। प्रदर्शन के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर अखिलेश सिंह को अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा है।
छात्रों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के साथ ऐसा होना मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन जारी रहेगा।
ज्ञापन सौंपा उत्तर प्रदेश शिक्षा समाचार नैनी प्रयागराज सात दिन का अल्टीमेटम छात्र प्रदर्शन बैक पेपर विवाद फेल छात्रों का विरोध प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र आंदोलन परीक्षा परिणाम विवाद बैक पेपर समस्या 2.5 लाख छात्र प्रभावित विश्वविद्यालय गेट प्रदर्शन पुलिस मौजूदगी अखिलेश सिंह वाइस चांसलर मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल छात्र-छात्राओं का हंगामा

Comments