UPSC में बलिया का परचम: मोनिका श्रीवास्तव ने हासिल की 16वीं रैंक

पोस्टमास्टर के बेटे रविशेखर समेत 5 अभ्यर्थियों ने पाई सफलता

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बलिया। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के ताजा परिणाम में बलिया जिले के पांच अभ्यर्थियों ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। इस बार पंदह ब्लॉक के खरसरा गांव की बेटी मोनिका श्रीवास्तव ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक प्राप्त कर सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की। वहीं गड़हांचल क्षेत्र के दौलतपुर गांव के रहने वाले रविशेखर सिंह ने 176वीं रैंक प्राप्त कर परिवार और जिले का मान बढ़ाया।
 
इसके अलावा अनिंद्य पाण्डेय ने 158वीं रैंक, शिक्षा पाठक ने 453वीं रैंक और आदित्य कृष्ण तिवारी ने 540वीं रैंक हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया है। लगातार दूसरे वर्ष बलिया के युवाओं ने UPSC जैसी कठिन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। पिछले वर्ष भी जिले की बेटी शक्ति दूबे ने पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रचा था।
 
16वीं रैंक लाकर मोनिका ने बढ़ाया जिले का मान
पंदह ब्लॉक के खरसरा गांव की रहने वाली मोनिका श्रीवास्तव ने इस बार ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले उन्हें 455वीं रैंक मिली थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी।मोनिका की शुरुआती पढ़ाई बिहार के औरंगाबाद से हुई, जबकि उन्होंने IIT गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया। तकनीकी क्षेत्र में बेहतर करियर की संभावनाओं के बावजूद उन्होंने सिविल सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और अंततः शानदार सफलता हासिल की।
 
वर्तमान में वह भारतीय रेल यातायात सेवा (IRTS) में ट्रेनिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत थीं। होली के मौके पर जब वह गांव आई हुई थीं, उसी दौरान उन्हें परिणाम घोषित होने और 16वीं रैंक मिलने की जानकारी मिली।उनके पिता ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव सेवानिवृत्त अभियंता हैं, जबकि मां भारती श्रीवास्तव औरंगाबाद (बिहार) में प्रधानाध्यापिका हैं। मोनिका ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और निरंतर मेहनत को दिया।
 
घर से ऑनलाइन पढ़ाई कर रविशेखर ने पाई सफलता
गड़हांचल क्षेत्र के दौलतपुर गांव के रहने वाले रविशेखर सिंह ने UPSC में 176वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता दिलीप सिंह बलिया में असिस्टेंट पोस्ट मास्टर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।रविशेखर ने बताया कि उन्होंने घर से ही ऑनलाइन पढ़ाई कर यह सफलता हासिल की। उनकी प्रारंभिक शिक्षा बसंतपुर में, इंटरमीडिएट की पढ़ाई नागाजी माल्देपुर से और स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से हुई।
 
उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था और दूसरा इंटरव्यू था। वह रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई करते थे। रविशेखर ने कहा कि तैयारी करने वाले युवाओं को “सीरियस नहीं बल्कि सिन्सियर” रहना चाहिए।
 
मां की आंखों से छलके खुशी के आंसू
रविशेखर की मां पुष्पा देवी बेटे की सफलता की खबर सुनकर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि रवि बचपन से ही मेधावी रहा है और पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहा। उन्होंने कहा कि आज बेटे की सफलता से पूरे परिवार की वर्षों की मेहनत सफल हो गई।
 
अनिंद्य पाण्डेय ने सुधारी अपनी रैंक
रामपुर निवासी कमलेश पाण्डेय के बेटे अनिंद्य पाण्डेय ने इस बार 158वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले सिविल सेवा परीक्षा 2024 में उन्हें 271वीं रैंक मिली थी। इस बार उन्होंने सौ से अधिक स्थान की छलांग लगाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
शिक्षा पाठक ने 453वीं रैंक हासिल की
पियरौटा गांव की रहने वाली शिक्षा पाठक ने 453वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, शिक्षकों और लगातार मेहनत को दिया। शिक्षा ने कहा कि अगर व्यक्ति हार नहीं मानता और सही दिशा में प्रयास करता है तो सफलता जरूर मिलती है।
मां के सपनों को पूरा करने निकले आदित्य
चितबड़ागांव के रहने वाले आदित्य कृष्ण तिवारी ने दूसरे प्रयास में 540वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी (DTU) से बीटेक किया और दो साल नौकरी भी की।
हालांकि अपनी अफसर मां के सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए। कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने यह सफलता हासिल की और अपने परिवार का सपना पूरा किया।
जिले में खुशी का माहौल
UPSC के परिणाम आने के बाद बलिया जिले में खुशी की लहर है। इन युवाओं की सफलता से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। लोग लगातार इनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं।

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