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खजनी में रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, लाठी-डंडों से हमला; वीडियो वायरल होने पर पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
परिवार को दी गई जान से मारने की धमकी, घायल दहशत में; पहले 151 में चालान, वीडियो वायरल होने के बाद कराया गया मेडिकल
रिपोर्टर/ रामअशीष तिवारी ( खजनी तहसील )
ख़जनी गोरखपुर। जनपद के खजनी थाना क्षेत्र के पल्हईपार राय गांव में पुराने रास्ते के विवाद ने मंगलवार की शाम अचानक हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित धर्मबीर तिवारी का आरोप है कि कुछ दबंग युवकों ने रास्ता रोककर पीड़ित से कहासुनी शुरू कर दी, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार 3 मार्च की शाम करीब छह बजे रास्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से चला आ रहा विवाद फिर से उभर आया। आरोप है कि दबंग युवकों ने रास्ता रोककर पीड़ित से बहस शुरू कर दी और कुछ ही देर में गाली-गलौज के साथ मारपीट शुरू हो गई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा।
पीड़ित धर्मबीर तिवारी ने बताया कि जब उसने मोबाइल से घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोपी और उग्र हो गए। वीडियो रिकॉर्ड होते देख उन्होंने और अधिक आक्रामक होकर हमला तेज कर दिया। इस दौरान परिवार अन्य सदस्यों को भी अपशब्द कहे गए और खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई।
घटना के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया, अन्यथा मामला और गंभीर हो सकता था। मारपीट के बाद घायल पीड़ित खजनी थाने पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर देकर सख्त कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की।
हालांकि पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में दोनों पक्षों के खिलाफ केवल 151 सीआरपीसी के तहत चालान कर मामले को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद गुरुवार को घायल को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया।
इस मामले में खजनी थाना प्रभारी जयन्त सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीड़ित प्रारंभ में मुकदमा दर्ज नहीं कराना चाहता था, इसलिए पहले मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि अब तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इधर स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि घटना का वीडियो वायरल नहीं होता तो शायद मामले में गंभीर कार्रवाई नहीं होती। फिलहाल घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है और आरोपियों के डर से घर से बाहर निकलने में भी हिचक रहा है। परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग करते हुए उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

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