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सैफई आयुर्विज्ञान संसथान में पेशेंट मॉनिटर घोटाला
इतना ही नहीं रणधीर सिंह की फर्म SMITH MEDICARE LUCKNOW को फायदा पहुँचाने के लिए उक्त उपकरण पेशेंट मॉनिटर (LOW END ) का PHYSICAL DEMONSTRATION भी नहीं कराया गया
उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार तब तक नहीं हो सकता है जब तक स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग में भ्रष्ट अधिकारीयों और दलालों का बोलबाला रहेगा क्युकी इन लोगों ने स्वास्थ्य संस्थानों को लूट का अड्डा बना दिया है और जेम पोर्टल को लूट का हथियार

टेंडर संख्या GEM/2025/B/6752797 PATIENT MONITOR टेंडर संख्या GEM/2025/B/6752797, PATIENT MNITOR-LOW END QTY 100 में खुलकर लूट की गयी है, टेंडर में मरीजों की जाँच के लिए जीवन रक्षक उपकरण पेशेंट मॉनिटर (LOW END) माँगा गया था 100 नग,
दलाली का खेल और जनता की मुसीबत
सैफई आयुर्विज्ञान संसथान के भ्रष्ट और लालची अधिकारीयों ने दलालों के साथ सांठ गाँठ करके पूरे टेंडर में खेल कर दिया, उक्त टेंडर में कुल 17 कंपनियों ने प्रतिभाग किया था, परन्तु सबकी निविदा को रिजेक्ट करते हुए केवल सेटिंग वाली एक कंपनी SMITH MEDI CARE (LUCKNOW) को क्वालीफाई करते हुए उसके पक्ष में करोड़ों का क्रय आदेश जारी कर दिया (RS. 13500000/-), इस प्रकार से मॉनिटर रूपये 135000/- प्रत्येक की दर से खरीदा गया जबकि अन्य संस्थानों द्वारा यही उपकरण इनके क्रय मूल्य से बहुत काम रूपये पचास हज़ार प्रत्येक की दर से खरीदे गए है, यही नहीं टेंडर में प्रतिभाग करने वाली एक और कंपनी (SSMED) S.S. MEDICAL SYSTEMS (I) PVT LTD. (LUCKNOW & Uttrakhand) अपने फर्ज़ीवाड़े के लिए कुख्यात है और आंध्र प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन (APMSIDC) द्वारा तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्टेड की गयी थी ( DATED 24 JUNE 2025 TO 23 JUNE 2018)

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टेंडर में पेशेंट मॉनिटर के लिए विशेषज्ञों द्वारा मांगी गयी निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने के बाद भी फर्जीवाड़ा करते हुए SMITH MEDI CARE LUCKNOW ने टेंडर में अपने आपको M/s MAESTROS ELECTRONICS & TELECOMMUNICATION SYSTEMS LTD का अधिकृत वितरक दिखाया गया, और मॉडल VITAL TRACK पेशेंट मॉनिटर को QUOTE किया था, SMITH MEDI CARE LUCKNOW के पार्टनर रणधीर सिंह M/s MAESTROS ELECTRONICS & TELECOMMUNICATION SYSTEMS LTD के पूर्व कर्मचारी है, और स्वास्थ्य विभाग के टेंडरों में फर्जीवाड़ा करने के लिए कुख्यात है,

MAESTROS ELECTRONICS & TELECOMMUNICATION का इतिहास
M/s MAESTROS ELECTRONICS & TELECOMMUNICATION SYSTEMS LTD की शुरुआत DR.KRISHANKUMAR NANDKUMAR MENON (DR. K. K. MENON) द्वारा की गयी थी M/s MAESTROS MEDILINE SYSTEMS LTD के नाम से और उत्तर प्रदेश में वितरक बनाने का झांसा देकर लखनऊ के एक प्रतिष्ठित व्यापारी का करोड़ों रुपया हड़प लिया,
अन्य राज्यों से भी बहुत सारे लोगों को भी ठगा, फिर कंपनी का नाम बदल कर अपने साथी BALKRISHNA KAMLAKAR TENDULKAR के हवाले कर के किनारे हो गया, SMITH MEDI CARE के रणधीर सिंह ने कई वर्षों तक DR K. K. MENON के साथ काम किया और फर्ज़ीवाड़े के गुर सीखे, DR K. K. MENON चीनी उत्पादों को अपनी कंपनी के नाम से बेचने के लिए कुख्यात है

SMITH MEDICARE LUCKNOW का फर्जीवाड़ा
टेंडर में पेशेंट मॉनिटर के लिए विशेषज्ञों द्वारा मांगी गयी निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने के बाद भी फर्जीवाड़ा करते हुए RANDHEER SINGH की SMITH MEDI CARE LUCKNOW की सिंगल बिड को पास कर दिया जबकि वह उपकरण निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करता है और जरूरी क्वालिटी सर्टिफिकेट USFDA AND EUROPEAN CE (NOTIFIED BODY) भी नहीं थे, और बाकि 16 कंपनियों के टेंडर को फेल कर दिया,
इतना ही नहीं रणधीर सिंह की फर्म SMITH MEDICARE LUCKNOW को फायदा पहुँचाने के लिए उक्त उपकरण पेशेंट मॉनिटर (LOW END ) का PHYSICAL DEMONSTRATION भी नहीं कराया गया और एक घटिया चीनी मॉनिटर बाजार दर (MARKET RATE LOW END PATIENT MONITOR IS MAXIMUM RS 50000/-) से कई गुना दरों (RS. 135000/- PER UNIT) पर खरीद लिया गया, घटिया चीनी उपकरण
विभागीय मंत्री और प्रमुख सचिव अनजान
सबसे अचरज की बात यह है की लगातार स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग में हो रहे फर्ज़ीवाड़े, घोटाले और महँगी दरों पर घटिया चीनी उपकरण की हो रही लगातार सप्लाई को विभागीय मंत्री ब्रजेश पाठक और प्रमुख सचिव रोक पाने में असमर्थ है या जानते हुए भी कार्यवाही नहीं करना चाहते है, सूबे के मुख्यमंत्री को इसपर ध्यान देना होगा क्यूंकि चुनावी वर्ष है और कही NHM की तरह कोई बड़ा घोटाला सामने न आ जाये, इसलिए मुख्यमंत्री को अपनी साख का ध्यान रखते हुए इसपर कठोर कार्यवाही करनी होगी

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