ख़जनी में नशे में कर्मचारी का वीडियो वायरल, नारायण पांडेय इंटर कॉलेज की साख पर उठे सवाल

ग्रामीणों का दावा– “नकल तो दूर, परीक्षा में परिंदा भी नहीं मार सकता”; प्राचार्य बोले– कर्मचारी को परीक्षा ड्यूटी से रखा जाता है दूर

शत्रुघन मणि त्रिपाठी  Picture
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रिपोर्टर/ रामअशीष तिवारी ( खाजनी तहसील) 

गोरखपुर। खजनी क्षेत्र स्थित नारायण पांडेय इंटर कॉलेज एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कॉलेज के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिलीप पांडेय कथित रूप से बोर्ड परीक्षा में नकल कराने की बात कहते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और विद्यालय की साख पर सवाल उठने लगे।बताया जा रहा है कि होली के अवसर पर आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के समापन के बाद शाम को दिलीप पांडेय नशे की हालत में कुछ अपरिचित लोगों के बीच कथित रूप से बड़बोलेपन में यह बात कह बैठे। वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

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“नशे में था, क्या कहा याद नहीं” – कर्मचारी

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रामपुर पांडेय निवासी दिलीप पांडेय ने अगले दिन सफाई देते हुए कहा कि वह होली की मस्ती में थे और उन्हें याद नहीं कि उन्होंने क्या कहा। उनका कहना है कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।

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प्राचार्य ने किया खंडन, कहा– परीक्षा से रखा जाता है दूर

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विद्यालय के प्रधानाचार्य  वास्चपति शुक्ला  ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संबंधित कर्मचारी को नशे की आदत के कारण बोर्ड परीक्षाओं से पूरी तरह दूर रखा जाता है। उन्हें किसी भी प्रकार की परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाती। उन्होंने दावा किया कि कॉलेज में नकल की कोई गुंजाइश नहीं है और परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाती हैं।

ग्रामीणों का समर्थन, “परिंदा भी नहीं मार सकता”

क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों व अभिभावकों ने भी स्कूल के पक्ष में खुलकर बयान दिया। चंद्रभान पांडेय, अंकित पांडेय, दसगुना यादव और पुरुषोत्तम भुजवाल समेत दर्जनों ग्रामीणों ने कहा कि विद्यालय की छवि हमेशा अच्छी रही है। उनका कहना है, “यहां नकल तो दूर, परीक्षा के दौरान परिंदा भी गलत काम नहीं कर सकता। एक नशे में दिए बयान को पूरे स्कूल से जोड़ना गलत है।”
ग्रामीणों ने कुछ अपरिचित स्ट्रिंगरों पर भी नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि वीडियो को बिना सत्यापन के वायरल कर विद्यालय को बदनाम करने की कोशिश की गई है।

प्रशासन ने शुरू की आंतरिक समीक्षा

वीडियो वायरल होने के बाद विद्यालय प्रशासन ने मामले की आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है। संबंधित कर्मचारी को कड़ी चेतावनी दी गई है। प्राचार्य ने आश्वासन दिया कि परीक्षा व्यवस्था की निगरानी और अधिक सख्ती से की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति की गुंजाइश न रहे।

सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर फिर उठे सवाल

यह प्रकरण एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अधूरी या संदर्भहीन सामग्री किस तरह किसी संस्थान की साख को प्रभावित कर सकती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि किसी एक व्यक्ति की गैर-जिम्मेदाराना हरकत के आधार पर पूरे संस्थान पर आरोप लगाना उचित नहीं है।
फिलहाल विद्यालय में परीक्षाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं और प्रशासन ने निष्पक्षता बनाए रखने का भरोसा दोहराया 

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