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गोरखपुर : बांसगांव में जमीनी विवाद की आग भड़की, अधिवक्ता के भाई हत्या!
पीट-पीटकर जान ली गई, तीन घायल; दोनों पक्ष के घायल जिंदगी-मौत की लड़ रहे लड़ाई
ब्युरो / गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)
गोरखपुर (बाँसगांव ) नगर पंचायत बांसगांव में एक छोटा सा जल निकासी का विवाद आज सुबह खूनी संघर्ष में बदल गया। वार्ड नंबर 9 के निवासी और स्थानीय अधिवक्ता अग्निवेश सिंह को जमीनी रास्ते से नाली का पानी निकालने के विवाद में बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला गया। घटना इतनी निर्मम थी कि अधिवक्ता की मौके पर ही मौत हो गई। मारपीट में उनके भाई नीतीश सिंह (स्वयं अधिवक्ता) और पिता सुनील सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि आरोपी पक्ष के सौरभ सिंह का सिर फट गया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है और उन्हें जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। पूरे बांसगांव में सनसनी फैल गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, आज सुबह करीब 9.40 बजे वार्ड नंबर 12 में नगर पंचायत द्वारा नाली निर्माण कार्य चल रहा था। मृतक अग्निवेश सिंह की जमीन के रास्ते नाली का पानी निकालने के लिए संजय सिंह, उनके बेटे सौरभ सिंह और सौरभ की मां ने जबरदस्ती पाइप डालने का प्रयास शुरू कर दिया। अग्निवेश सिंह ने इसका कड़ा विरोध किया तो आरोपी पक्ष ने उन्हें घेर लिया और लाठियों-डंडों से निर्मम हमला बोल दिया।
देखते ही देखते मारपीट इतनी विकराल हो गई कि अग्निवेश सिंह के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।परिजनों ने शव को तसल्ली के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही बांसगांव कस्बे में तनाव फैल गया। भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
उपजिलाधिकारी प्रदीप सिंह और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि आरोपियों की तलाश चल रही है और जल्द कार्रवाई की जाएगी।
यह विवाद लंबे समय से चल रहा था। स्थानीय लोग बताते हैं कि नाली के पानी को अग्निवेश की जमीन से गुजारने का मुद्दा कई बार उछला, लेकिन प्रशासनिक हल नहीं निकला।
अग्निवेश सिंह क्षेत्र के लोकप्रिय वकील थे, जो कई सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहते थे। उनकी मौत से वकील संघ में आक्रोश है।
परिवार में मातम पसरा है। पत्नी और छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। भाई नीतीश सिंह ने गुस्से में कहा, “ये हत्या नहीं, सुनियोजित हत्याकांड है। आरोपी पक्ष ने पहले से प्लानिंग कर रखी थी। मेरे भाई को घेरकर बेरहमी से पीटा गया।”
पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है। समाचार लिखे जाने तक कोई लिखित तहरीर नहीं पड़ी थी, लेकिन हत्या का मामला दर्ज होने की पूरी संभावना है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे छोटे-छोटे विवादों को समय रहते सुलझाया जाए, वरना बांसगांव जैसे शांत कस्बे में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठेंगे।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि छोटी-सी जमीनी लालच कितना बड़ा नुकसान कर सकती है। बांसगांव के लोग अब न्याय की प्रतीक्षा में हैं। 

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