पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर की हड्डी चूर चूर होने से सुजाता की मौत की पुष्टि
हत्याओं का सिलसिला जारी, परिजनों का आरोप:हत्यारों को बचाने के लिए मंद बुद्धि नाबालिग बिटिया को तीन दिनों तक टहलाती रही पसगवां पुलिस
लखीमपुर खीरी। जनपद में हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहाहै। जनपद पुलिस ने हत्याएं छुपाने के लिए अपनी कार्यशैली बदली। लकिन थाना मितौली व पसगवां पुलिस के रवैए से लोग हैरान हैं। लोगों का कहना है कि नवांगतुक पुलिस मुखिया डा ख्याती गर्ग के कार्य भार ग्रहण करतें जो पुलिस का खौफ बना था ढेर होता सा प्रतीत हो रहा है। मितौली पुलिस ने दिन दहाड़े मनीष राठौड़ की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली परन्तु थाना पसगवां में सुजाता की हत्या में पुलिस ने हत्यारों को बचाने के लिए जो कृत्य किए उससे आम नागरिकों में दहशत व्याप्त हो रहींहैं।
विकलांग सुजाता की हत्या के बाद पसगवां पुलिस ने उसी की मंदबुद्धि नाबालिग बेटी को कहां कहां छुपाया वह खुद नहीं बता पा रही हैं? बताया जाता बात है कि मां की मौत की खबर सून कर आए बेटे अर्जुन शुक्ल से बाप के खिलाफ हत्या की तहरीरें देने के लिए दबाव बनाया गया,अर्जुन के मना करने पर न केवल धमकीं दी गई बल्कि मौक़े पर मौजूद पुलिस ने हाथापाई करने की कोशिश भी की।
परिजनों का आरोप है कि थाना पसगवां पुलिस ने नाबालिग़ मंद बुद्धि नंदनी को अवैध रूप से रखने में अपने को फंसता देख नाबालिग नंदनी की कई वीडियो बना कर सादे कागज़ों पर अंगूठा लगवा कर परिजनों को सौंप दिया है।इससे पहले थाना मितौली पुलिस ने ग्राम ललौहुआ में परचून दुकानदार मनीष राठौर की दिनदहाड़े हुई हत्या को आत्महत्या साबित करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था।मितौली मोटर साइकिल से दुकान का सामान खरीदने जा रहा मनीष के हाथ में 315 का कट्टा किसने पकड़ाया चर्चा का विषय बना हुआ है।

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