कलवारी शिव मंदिर स्थित पोखरे में दूषित जल से मर रही मछलियों- सड़ान्ध से बीमारी फैलने का खतरा
समाजसेवी प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि तत्काल पोखरे की सफाई करवाई जाए व उसमें गंदगी जाने से रोका जाए जिससे जंगली मछलियां सुरक्षित रहे तथा फैल रही दुर्गन्ध बीमारियों के फैलने के खतरे को टाला जा सके….
बस्ती। बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन कौलेश्वर नाथ शिव मंदिर परिसर में स्थित पोखरे का पानी दूषित होने से बड़ी संख्या में मछलियों के मरने का मामला सामने आया है। पोखरे में मृत मछलियों के तैरते हुए दिखाई देने से क्षेत्र में चिंता का माहौल है और स्थानीय श्रद्धालुओं ने इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया है।
कौलेश्वर नाथ शिव मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां महाशिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे समय में मंदिर परिसर के पोखरे की खराब स्थिति और दूषित जल श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोखरे की नियमित सफाई और जल संरक्षण की व्यवस्था नहीं होने से पानी सड़ गया है, जिससे मछलियों की मौत हो रही है।
पोखरे में मृत मछलियों के सड़ने से दुर्गंध फैल रही है, जिससे आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते सफाई और जल शुद्धिकरण की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर तब जब महाशिवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे।
यहां बताते चलें कि मंदिर प्रांगण में स्थिति पोखरा में बड़ी मात्रा में मछलियां है जो लोगों को देखकर जल के ऊपर तथा किनारे पर आ जाती है जहां पर लोग उनको लाई भुजा आदि खिलाते हैं|
परंतु बगल में लगने वाली सब्जी मार्केट तथा कुछ लोगों द्वारा कूड़ा तथा गंदगी पोखर में फेंकने से उसका जल दूषित हो गया जिसके कारण बड़ी मात्रा में मछलियां मर कर ऊपर आ गई हैं |श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने संबंधित प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से तत्काल पोखरे की सफाई, मृत मछलियों को हटाने और जल को शुद्ध करने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और संभावित स्वास्थ्य संकट को टाला जा सके।

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