ओबरा तापीय परियोजना गेट पर 22 सूत्री मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन

22 सूत्रीय मांगों पर जल्द ही सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो संगठन अगले चरण की रणनीति तैयार करने के लिए बाध्य होगा-आंदोलनकारी

राजेश तिवारी Picture
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स्वतंत्र प्रभात संवाददाता

ओबरा/ सोनभद्र-

उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के आह्वान पर ओबरा तापीय विद्युत परियोजना में आंदोलन के प्रथम चरण की शुरुआत की गई। अपनी 22 सूत्रीय मांगों के समर्थन में परियोजना के कर्मचारियों और पदाधिकारियों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। परियोजना के सीटीपीएस (CTPS) गेट और परियोजना अस्पताल सहित जनपद के विभिन्न कार्यस्थलों पर सभी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया।

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खास बात यह रही कि विरोध के बावजूद कर्मचारियों ने कार्य का बहिष्कार नहीं किया और पूरी निष्ठा के साथ अपने-अपने कार्यस्थलों पर डटे रहे। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए प्रबंधन और सरकार तक अपनी बात पहुँचाने का प्रयास किया। मुख्य रूप से ओबरा सीटीपीएस गेट और परियोजना चिकित्सालय में व्यापक असर देखा गया। कर्मचारी संघ की 22 सूत्रीय मांगें लंबित हैं, जिन्हें लेकर यह चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया गया है। इस विरोध प्रदर्शन में संघ के प्रमुख पदाधिकारियों सहित सैकड़ों साथियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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मुख्य रूप से निम्नलिखित सदस्य सक्रिय नजर आए। अजय सिंह अजीत साहू, प्रदीप कनौजिया, विनोद यादव, अमित कुमार, चंद्रकांत, जितेंद्र सिंह, रामनरेश, डॉ. अमित यादव, डॉ. मधुबाला, सौरभ श्रीवास्तव,हमारा उद्देश्य कार्य बाधित करना नहीं, बल्कि प्रशासन को हमारी जायज मांगों की ओर ध्यान दिलाना है। प्रथम चरण में हमने काली पट्टी बांधकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की है।

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आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि उनकी 22 सूत्रीय मांगों पर जल्द ही सकारात्मक विचार नहीं किया गया, तो संगठन अगले चरण की रणनीति तैयार करने के लिए बाध्य होगा। वर्तमान में परियोजना के सैकड़ों कर्मचारियों के इस एकजुट प्रदर्शन ने प्रबंधन के सामने एक स्पष्ट संदेश भेज दिया है।

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