कृषकों के बुढ़ापे का सहारा प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, प्रदेश भर के किसानों को किया जा रहा है लाभांवित

केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना शुभारम्भ किया है किसानों को 60 वर्ष के उपरान्त रु० 3,000/- मासिक अर्थात 36 हजार रूपये सालाना पेंशन की सुविधा करायी जा रही है उपलब्ध

अजित सिंह / राजेश तिवारी Picture
Published On

अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-

किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते है। उनके उत्थान, सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कई योजनायें संचालित की है। सरकार प्राकृतिक संसाधनों-मृदा, जल एवं कृषि सम्बन्धी जैव विविधता के समुचित संरक्षण देश/प्रदेश की कृषि उत्पादन नीतियों के विनिर्माण एवं क्रियान्वयन तथा संसाधनों को अक्षुण्य बनाये रखते हुए उत्तरोत्तर वृद्धि परक उत्पादन के आयाम विकसित करने के लिए सतत् प्रयासरत है।

प्रदेश सरकार कृषि विकास की दर को गति प्रदान करने के साथ-साथ फसलोत्पादन तथा उत्पादकता में वृद्धि करने हेतु कई नीतियाँ/योजनाये संचालित की है, जिससे प्रदेश के किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर उनके जीवन स्तर को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से ऊपर उठाया जा सके।  किसानों के हित मेें भारत सरकार ने प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना संचालित किया है, जिसके अंतर्गत किसानों को वार्षिक रु० 6,000/- प्राप्त होते है।

विवाहिता की मौत पर अंतिम संस्कार के दौरान हंगामा Read More विवाहिता की मौत पर अंतिम संस्कार के दौरान हंगामा

इससे सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। उसी तरह केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना आरम्भ किया है। जिसके अंतर्गत किसानों को 60 वर्ष के उपरान्त रु० 3,000/- मासिक अर्थात 36 हजार रूपये सालाना पेंशन दी जाती है। केन्द्र सरकार की इस योजना को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में लागू कर किसानों को लाभान्वित कर रहे हैं। किसानों को वृद्धावस्था में किसी के सामने रूपयों के लिए हाथ न फैलाना पड़े, वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रहे, उनका मान-सम्मान बना रहे ,सरकार ने इस पर विशेष ध्यान दिया है।

गमगीन माहौल में दफन हुआ दुर्घटना में मृत छात्रों का शव Read More गमगीन माहौल में दफन हुआ दुर्घटना में मृत छात्रों का शव

प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत प्रदेश के सभी किसान लाभ ले सकते हैं। जिन किसानों की आयु 18 से 40 वर्ष तक है, वे किसान इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद किसान को प्रत्येक माह प्रीमियम जमा करना होता है। 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने वाले किसान को प्रतिमाह 55 रूपये एवं 40 वर्ष की आयु के किसान को रू0 200/- महीना प्रीमियम जमा करना होता है।

बलरामपुर में बिजली विभाग की टीम पर आरोप:घर में जबरन घुसकर बदसुलूकी की, अधिवक्ताओं के विरोध के बाद जांच के आदेश ।    Read More बलरामपुर में बिजली विभाग की टीम पर आरोप:घर में जबरन घुसकर बदसुलूकी की, अधिवक्ताओं के विरोध के बाद जांच के आदेश ।

इस योजना के तहत 50 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान किसान द्वारा एवं 50 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है। यदि प्रदेश का कोई किसान स्वैच्छिक रूप से प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का लाभ लेना चाहता है और वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभार्थी है तो उसके रजिस्ट्रेशन के लिए किसी तरह के कागजी कार्यवाही की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि उसके सभी कागजात प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में संलग्न है। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किसान अपने नजदीकी जनसेवा केन्द्र पर जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं।

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना प्रदेश के लघु एवं सीमान्त कृषकों सहित सभी किसानों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने एवं वृद्धावस्था में उनकी आजीविका के साधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वैच्छिक रूप से पुरुष व महिला दोनों के लिए 60 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर रू0 3000 प्रति माह दिये जाने की एक सुनिश्चित मासिक पेंशन योजना है। यह एक स्वैच्छिक एवं अंशदायी पेंशन योजना है। प्रदेश में इस योजनान्तर्गत दिसम्बर, 2025 तक 2.52 लाख से अधिक किसान लाभार्थियों को कार्ड उपलब्ध कराया जा चुका है। प्रदेश सरकार अधिक से अधिक कृषकों को इस योजना से लाभान्वित करा कर उन्हें आर्थिक रूप आत्मनिर्भर बना रही है।

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें